बहुत सारे शोज की सतरंगी तस्वीर
दिनेश ठाकुर की मशहूर गजल का एक शेर है, ‘हर हंसीं मंजर से यारों फासले काइम रखो, चांद जो धरती पे उतरा देख कर डर जाओगे’...! मतलब जिंदगी के जो भी खूबसूरत एहसास हैं, जो भी चीजें हमें खूब अच्छी लगती हैं, उनसे बहुत ज्यादा करीबी भी अच्छी नहीं हैं। जाकिर हिंदुस्तान और इसके बाहर बसे करोड़ों हिंदुस्तानियों को बहुत अच्छे लगते रहे हैं। ओटीटी पर आने वाले उनके शोज का लोगों ने बेसब्री से इंतजार किया है। विदेश जाते हैं तो उनके शोज के लिए लोग टूट पड़ते हैं। लेकिन, टेलीविजन? ये आपके चेहरे से बस गज भर दूर लगा एक ऐसा जुल्मी कैमरा है जो असल और नकल का फर्क चुटकियों में जाहिर कर देता है। पहली नजर तो ‘आपका अपना जाकिर’ पर यही रही कि ये कितना ओरिजनल है और कितना कपिल शर्मा के शो जैसा। यहां पर सोनी टीवी की राइटिंग टीम छोटे परदे का एक बड़ा मौका चूकी है, कुछ नया, कुछ बिल्कुल लीक से इतर बनाने का। ‘मूवर्स एंड शेकर्स’ से लेकर ‘द कपिल शर्मा शो’ और म्यूजिक रियलिटी शोज जैसे सरपंच बिठाने तक के सारे फॉर्मूले यहां हैं।
सस्ते, हल्के और भोंडे चुटकुलों की बौछार
परेश गणात्रा के शरीर में कमर के बाद सीधे गर्दन शुरू हो जाने वाले या जंगल और जंगल के रास्ते वाले सस्ते, हल्के और भोंडे चुटकुलों पर हंसती किराए की भीड़ देखने से पहले ‘आपका अपना जाकिर’ की यूएसपी जाकिर ने यही बताई थी कि ये किसी दूसरे की ‘कॉस्ट’ पर हंसी निकालने की कोशिश नहीं करेगा। लेकिन, दूसरे एपिसोड में ही बात शारीरिक हो चुकी है। चार लोग क्या कहेंगे, वाला जुमला डालकर शो में ऋत्विक धनजानी, परेश गणात्रा, गोपाल दत्त और श्वेता तिवारी की एंट्री कराई जाती है, ये चारों मिलकर शो को वहां संभालने की कोशिश करते हैं, जहां जाकिर लड़खड़ाने लगते हैं। मान लीजिए कि यहां चार अर्चना पूरण सिंह रखी गई हैं। ये कोशिश जाकिर के इस शो को हल्का करती है। शो के लेखक 10 हैं लेकिन कॉन्टीन्यूटी इसकी पहले एपिसोड में ही घास चरने चली जाती है। जाकिर के हाथ से एक बार क्यू कार्ड्स ले लिए जाने के बाद भी ये कार्ड्स शो में कभी दिखते हैं, कभी लापता हो जाते हैं।
‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ की कॉपी
ऊंची हील के जूते पहनकर आए निर्माता, निर्देशक करण जौहर की बुजुर्गियत उनके चेहरे पर दिखाते शो ‘आपका अपना जाकिर’ से उम्मीद थी कि ये इंसानी जज्बात के साथ ताल्लुक बनाने वाले एक ऐसा शो बनेगा, जिसे देखकर परसाई का व्यंग्य, रमई काका का हास्य और शरद जोशी का हौले से गुदगुदाना याद आ जाएगा। लेकिन नहीं, ये सिर्फ नेटफ्लिक्स पर आए ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ की ग्लैमरस कॉपी बनकर रह गया है। नई फिल्मों के प्रचार का मंच बनने से इसे दूर रखा जाता तो कितना ही अच्छा होता। शो में जाकिर खान ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को जगह दी है। पहले एपिसोड में अंकित बयांपुरिया आए और दूसरे में धीरज टकरी। इनकी शूटिंग के सोलो शॉट्स से दिखता है कि ये हिस्से मेहमानों के जाने के बाद बाद शूट किए गए हैं। दोनों एपिसोड में जो सबसे अच्छी बात दिखी, वह रही शायर अजहर इकबाल का मंच पर आना।
जाकिर जैसा नहीं है जाकिर का पहला शो
सोनी टीवी की क्रिएटिव टीम ने शो ‘आपका अपना जाकिर’ का फॉर्मेट मन लगाकर नहीं बनाया है। पहले के सात-आठ मिनट में जो लफ्फाजी होनी है, वह दूसरे एपिसोड की फेकिंग न्यूज में ही फुस्स हो जाती है। उसके बाद मेहमानों को बुलाया जाता है, उनकी लल्लो चप्पो की जाती है। करण जौहर, राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर से गुफ्तगू कमजोर रही। सवालों से साफ लगता है कि इन मेहमानों को लेकर ज्यादा रिसर्च नही की जा रही है। करण जौहर ने ‘बैड न्यूज’ का प्रचार किया। श्रद्धा और राजकुमार ने ‘स्त्री 2’ का। और, शो बनाने वालों को जो सबसे बड़ी यूएसपी राजकुमार की दिखाई दी, वह उन्होंने उनको फिल्म के एक गाने पर नचाकर पूरी कर ली। दूसरे एपिसोड में एक जगह जाकिर खान खुद कहते हैं कि हमने ये शो ‘स्तरहीन’ बनाने की कोशिश की है, अपने ही बारे में ऐसा कौन कहता है भला? ऊपरवाला उनकी इस वाणी को सच बनाने से बचे और सोनी टीवी वाले कोशिश करें कि इसे एक ऐसा शो बना सकें जो जाकिर खान के शो नाम से बरसो बरस याद रखा जा सके....!