ऐसे हुई ‘तेरे इश्क में’ में मुरारी की एंट्री
‘तेरे इश्क में’ में मुरारी की एंट्री और सफर के बारे में बात करते हुए जीशान ने बताया कि ये सफर बड़ी सहजता से शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक दिन का शूट था। आनंद सर ने बताया कि ‘तेरे इश्क में’ की घोषणा हो चुकी है। मैंने कहा कि मुझे पता है। तभी हिमांशु, जो फिल्म के लेखक हैं, उनका फोन आया और उन्होंने मिलने के लिए बुलाया। जब मैं उनके ऑफिस पहुंचा तो आनंद सर ने कहा कि तुम और हिमांशु बात करो, मैं एक मीटिंग निपटा कर आता हूं। हिमांशु ने मुझे फिल्म की कहानी सुनाई और समझाया कि फिल्म की दुनिया ‘रांझणा’ जैसी महसूस होगी, लेकिन कहानी बिल्कुल अलग होगी। बस एक भावनात्मक जुड़ाव रखना चाहते थे और उसके लिए मुरारी जैसा किरदार सबसे सही विकल्प लगा।
साधु बन चुका है मुरारी
जीशान ने आगे बताया कि मैंने हिमांशु से पूछा कि इतने साल बाद मुरारी कैसे लौटेगा? उसका लुक और माहौल तो बदल चुका होगा। हिमांशु ने कहा कि मुरारी अब बूढ़ा हो चुका है, वह एक साधु के रूप में सामने आएगा। उन्होंने उसी समय एक सीन पढ़कर सुनाया। वह सीन मुझे इतना अच्छा लगा कि मैंने तुरंत हामी भर दी। करीब हफ्ते या दस दिन बाद ही शूट की तारीख तय हो गई। मैं एक दिन के लिए बनारस गया। सिर्फ एक रात में पूरा शूट हो गया और अगली सुबह मुझे अगले प्रोजेक्ट के लिए निकलना पड़ा।
धनुष को गले लगाकर हुए भावुक
धनुष से अपनी दोस्ती और फिल्म के दौरान मुलाकात के बारे में जीशान ने कहा कि हम एक-दूसरे को भाई कहते हैं। हाल ही में उनका फोन आया और हंसते हुए उन्होंने कहा कि मैंने पूरी फिल्म की है और तुमने सिर्फ एक सीन किया है, लेकिन लोग तुम्हारी ही तारीफ कर रहे हैं। शूट पर जब हमारी मुलाकात हुई तो हम गले लगे। कई पल तक एक-दूसरे को थामे रहे। इतने साल बाद मिलने की खुशी आंखों में उतर आई। उस भावुक पल को देखकर आनंद एल राय ने तुरंत कहा कि यह सीन हिट होगा और वही हुआ। ऑडियंस के दिलों तक यह सीन सीधे पहुंचा।
मुरारी फिर से जी उठा है
किरदार को मिल रही प्रतिक्रिया पर जीशान ने कहा कि किरदार छोटा जरूर था, लेकिन लोगों का प्यार बहुत बड़ा मिला है। ऐसा लगा कि मुरारी फिर से जी उठा है। ‘रांझणा’ के बाद फिर से लोगों ने इस नाम को याद किया। मेरे लिए यही सबसे बड़ा सम्मान और खुशी है। आज मैं केवल यही कह सकता हूं कि बहुत अच्छा लग रहा है।