मंत्रालय ने जी5 को लिखा पत्र
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मामले में ओटीटी प्लेटफॉर्म जी 5 को पत्र लिखा है। पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने अपने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफॉर्म पर यह पत्र साझा भी किया है। इस पत्र में ओटीपी प्लेटफॉर्म से इस वेब सीरीज को रिलीज नहीं करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, पत्र में 27.10.2025 को जारी ओटीटी दिशानिर्देशों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि अगर हम इस तरह के वेब सीरीज को रिलीज होने की करने की अनुमति देते हैं, तो इससे समाज में अपराध बढ़ने की आशंका बढ़ सकती है, जिसे देखते इसे रिलीज नहीं करने का फैसला ही सही रहेगा।
मंत्रालय ने कहा- 'विवेक का इस्तेमाल करें'
मंत्रालय ने अपने पत्र में ओटीटी प्लेटफॉर्म को जारी किए गए दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि गैंगस्टर और अपराधियों पर आधारित वेब सीरीज को रिलीज करने से पहले पूरे विवेक का इस्तेमाल करें। इसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचे। पत्र में आगे कहा गया है कि इस तरह के वेब सीरीज में युवाओं को भ्रमित करने की पूरी क्षमता होती है, क्योंकि इस तरह की वेब सीरीज में किसी भी आपराधिक घटना को सामान्य या आकर्षक रूप से प्रस्तुत करने की कोशिश की जाती है, जिससे युवा गुमराह हो सकते हैं। इसके अलावा, पंजाब पुलिस ने भी सूचित किया है कि अगर इस तरह के वेब सीरीज को रिलीज करने की अनुमति दी जाती है, तो इससे सामाजिक व्यवस्था तहस नहस हो सकती है। अपराधियों को महिमामंडित करना किसी भी समाज के लिए उचित नहीं है।
'पंजाब के नाम को गैंगस्टरों के महिमामंडन सही नहीं'
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी पत्र को साझा किया है। साथ ही, उन्होंने एक पोस्ट भी किया है, जिसमें उन्होंने सख्त लहजे में कहा, 'मैं इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकता, जहां पर पंजाब के नाम को गैंगस्टरों के महिमामंडन से जोड़ा जा रहा हो। यह स्थिति किसी भी लिहाज से उचित नहीं है'। उन्होंने कहा कि मैंने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले में याचिका दाखिल कर 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' वेब सीरीज पर रोक लगाने की मांग की थी। साथ ही, मैंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा था, जिसमें मैंने इस वेब सीरीज पर रोक लगाने की मांग की थी, क्योंकि यह पूरा मामला हमारी पहचान से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि पंजाब गुंडागर्दी की संस्कृति नहीं है। पंजाब साहस, कड़ी मेहनत और आत्मसम्मान की राह पर चलने वाला राज्य है।
हाई कोर्ट में मंत्रालय से प्राप्त पत्र की प्रति पेश की गई
शुक्रवार को हाई कोर्ट में जब इस मामले की सुनवाई हुई तो केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन और वकील धीरज जैन ने मुख्य न्यायाधीश शील नागू की पीठ के सामने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से प्राप्त एक पत्र की प्रति रखी। वारिंग के वकील निखिल घई ने कहा कि उनकी याचिका का निपटारा कर दिया गया, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 को डॉक्यू-सीरीज रिलीज न करने की सलाह जारी किए जाने के बाद उनकी शिकायत का समाधान हो गया।
बिश्नोई का परिवार भी सीरीज के विरोध में
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने खुद सीरीज की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी। साथ ही इस सीरीज के विरोध में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का परिवार भी उतर आया है। वह भी इस पर बैन लगाने की मांग कर रहे थे। लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने डॉक्यू-सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' की निंदा करते हुए इस पर जल्द से जल्द बैन लगाने की मांग की थी। एएनआई से की गई बातचीत में उन्होंने कहा, ‘पंजाब गुरुओं की धरती है। डायरेक्टर ने किसकी इजाजत से यह डॉक्यू सीरीज बनाई है? न परिवार से इजाजत ली, न सरकार से कोई परमिशन ली। वह इसके जरिए क्या साबित करना चाहते हैं? लॉरेंस का मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है। हमें इस डॉक्यू सीरीज पर आपत्ति है। यह बैन की जानी चाहिए।