साल 1999 में रिलीज हुई फिल्म मस्त एक म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी। फिल्म का निर्देशन और निर्माण राम गोपाल वर्मा द्वारा ही किया गया था। इस फिल्म में उर्मिला मातोंडकर और आफताब शिवदासानी के अलावा अंतारा माली ने भी अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म के गाने भी काफी पसंद किए गए थे। आइए जानते हैं फिल्म से जुड़ी दिलचस्प बातें।
आफताब की पहली फिल्म थी मस्त
आफताब शिवदासानी ने फिल्म मस्त से बॉलीवुड फिल्मों में डेब्यू किया था। इस फिल्म में आफताब के अभिनय की जमकर तारीफ हुई थी। इस फिल्म के लिए आफताब को स्टार स्क्रीन अवार्ड्स की ओर से न्यू कमर का अवॉर्ड मिला था।
रामगोपाल वर्मा ने अपने क्रश पर बनाई थी ये फिल्म
फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा फिल्म मस्त को लेकर 'अमर उजाला' के साथ अपने इंटरव्यू में ये बात कह चुके हैं कि उन्होंने अपने क्रश की कहानी पर यह फिल्म बनाई थी। रामगोपाल वर्मा का क्रश कोई और नहीं बल्कि लाखों दिलों में राज करने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी हैं।
उर्मिला मातोंडकर-आफताब की जोड़ी
इस फिल्म में पहली बार उर्मिला मातोंडकर और आफताब शिवदासानी की जोड़ी नजर आई थी। फिल्म में दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। इस फिल्म में उर्मिला मातोंडकर ने मल्लिका और आफताब ने कृष्णकांत माथुर उर्फ किट्टू की भूमिका निभाई थी।
फिल्म के किरदार
फिल्म में आफताब शिवदासानी ने कृष्णकांत माथुर उर्फ किट्टू, उर्मिला मातोंडकर ने मल्लिका, दलीप ताहिल ने श्री माथुर (किट्टू के पिता), स्मिता जयकर ने शारदा माथुर (किट्टू की मां), गोविंद नामदेव ने तोलूराम (मल्लिका के चाचा), अंतरा माली ने निशा और शीतल सुवर्णा ने निक्की माथुर (किट्टू की बहन) का किरदार निभाया है।
फिल्म की कहानी
कृष्णकांत माथुर (आफताब शिवदासानी) उर्फ किट्टू, एक रेस्तरां में काम करता है, जो प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री मल्लिका (उर्मिला मातोंडकर) के बंगले के ठीक सामने स्थित है। सीधे शब्दों में कहें तो किट्टू केवल एक प्रशंसक है, लेकिन वह मल्लिका से लगभग जुनून की हद तक प्रभावित है। वह उनसे मेहबूब स्टूडियो में मिलते हैं और खुद मल्लिका से बात करते हैं। इससे पहले कि वह उसके साथ अपनी बात पूरी कर पाता, मनीषा के चाचा टोलुराम (गोविंद नामदेव) ने उसे बेरहमी से रोका, जो उसका अपमान करता है और उसे अपमानित करता है और उसे जाने के लिए कहता है। इस पूरे मामले में किट्टू, मल्लिका की मदद करता है।