मशहूर मराठी फिल्म अभिनेता भालचंद्र कुलकर्णी का शनिवार को बीमारी के कारण निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। कोल्हापुर के फिल्म एक्टिवस्ट अर्जुन नलावडे ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले सांस फूलने की शिकायत की थी। इसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और शुक्रवार को छुट्टी मिली थी। शनिवार की सुबह उनकी तबियत फिर बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
पेशे से शिक्षक रहे भालचंद्र ने अपने फिल्म करियर की शुरुआत दिवंगत गीतकार जगदीश खेबुदकर के नाटक 'गवरन मेवा' से की थी। अभिनेता भालचंद्र कुलकर्णी ने 300 से अधिक मराठी फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें 'हलद रुसली कुंकू हसाले', 'जुंजा तुजी माजी', 'जव्याची जाट' और अन्य शामिल हैं। उन्होंने मराठी फिल्म उद्योग पर तीन पुस्तकें भी लिखीं।
भालचंद्र कुलकर्णी ने अपने करियर के पिछले चार-पांच दशकों में 'असला नवरा नाको गन बाई', 'पिंजरा', 'बॉम्बे चा जवाई', 'सोंगद्या', 'थिरथरत', 'पहरक' जैसी कई फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाई। भालचंद्र कुलकर्णी को उनकी सहायक भूमिका के लिए जाना जाता है। लेकिन पिछले कई सालों से वह एक्टिंग फील्ड से दूर थे। कुछ महीने पहले उन्हें ब्रांड कोल्हापुर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
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