मनोज बाजपेयी और राम गोपाल वर्मा
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कहा जाता है कि राम गोपाल वर्मा हमेशा अलग रास्ता चुनते हैं। आपका क्या मानना है?
यह बिल्कुल सच है। वह कभी किसी तय पैटर्न को नहीं मानते। हमेशा कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं। यही उनकी सबसे बड़ी खूबी भी है और यही वजह है कि उनके साथ काम करना हमेशा एक रोमांचक अनुभव होता है।
जब रामू ने आपको इस फिल्म के लिए अप्रोच किया, तो क्या आपने तुरंत हां कह दी?
मैं तो हमेशा उन्हें हां कहता हूं। चाहे वह मुझे लैम्प पोस्ट ही क्यों न बना दें। (हंसते हुए) मेरे लिए रामू के साथ काम करने का मतलब हमेशा कुछ नया सीखना और जीना होता है। उनके प्रोजेक्ट्स को लेकर मेरे मन में कभी दूसरा विचार नहीं आता।
आपने 2022 से 2024 तक बहुत काम किया। लेकिन 2025 आते-आते आपकी रफ्तार थोड़ी धीमी दिखी। क्या यह सोचा-समझा फैसला था?
हां, यह मैंने जानबूझकर किया। मैं हमेशा बीच-बीच में थोड़ा गैप देता हूं। अभी मैं चिन्मय के साथ एक फिल्म की शूटिंग कर रहा हूं, जिसमें मेरा रोल बहुत डिमांडिंग है। इसके तुरंत बाद मैं राम गोपाल वर्मा की फिल्म करूंगा और वह भी उतनी ही डिमांडिंग है। लेकिन उसके बाद मैंने तय कर लिया है कि तीन से चार महीने का ब्रेक लूंगा। ऐसा मैं अक्सर करता हूं। यह ब्रेक इस मायने में नहीं होता कि मैं एक्टिंग से थक गया हूं। ऐसा बिल्कुल नहीं है। मुझे एक्टिंग से बेहद प्रेम है।
हमारी इंडस्ट्री बहुत अनिश्चित है। ऐसे में प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स को ना कहना कितना आसान है?
देखिए, जो इंतजार कर सकता है वह कर लेता है। जो नहीं कर सकता, उसके अपने कारण होते हैं। मैं उन्हें जाने देता हूं। लेकिन मैं बहुत लकी रहा हूं। चाहे मेरा बैड टाइम रहा हो या गुड टाइम, डायरेक्टर्स सिर्फ मेरे बारे में सोचकर मेरे पास आए। उन्होंने मुझे बहुत रिस्पेक्ट और स्पेस दिया। यहां तक कि बड़ी-बड़ी फिल्मों में भी मेरे लिए वेट किया गया।