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Manmohan Krishna: पाकिस्तान में जन्मे मनमोहन कृष्ण ने बॉलीवुड में इस तरह बनाई पहचान, पढ़ें उनके अनसुने किस्से

Mon, 11 Aug 2025 09:05 AM IST
सिराजुद्दीन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Manmohan Krishna Birth Anniversary: बॉलीवुड के बेहतरीन कलाकार मनमोहन कृष्ण एक्टर, डायरेक्टर और सिंगर थे। आज उनकी जयंती पर आइए जानते हैं उनके बारे में खास बातें।
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मनमोहन कृष्ण - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आज बॉलीवुड के दिवंगत कलाकार मनमोहन कृष्ण की जयंती है। वह बॉलीवुड का बड़ा नाम हैं। वह अभिनेता होने के साथ निर्देशक और गायक भी थे। उन्होंने फिल्मों में चार दशकों तक काम किया। इस दौरान कई चरित्र भूमिकाएं निभाईं। कम ही लोगों को पता है कि वह सिंगर बनना चाहते थे हालांकि वह एक्टर के तौर पर मशहूर हुए। आज उनकी जयंती के मौके पर आइए उनके बारे में कुछ खास बातें जान लेते हैं।
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पहले बने भौतिकी के प्रोफेसर
मनमोहन कृष्ण का जन्म 26 फरवरी साल 1922 को पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। उन्होंने भौतिकी के प्रोफेसर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की। उन्हें कॉलेज में बच्चों को पढ़ाना पसंद था। उन्होंने भौतिकी में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की थी। उन्होंने कॉलेज में दो साल तक बच्चों को पढ़ाया, इसके बाद बॉलीवुड का रुख किया।

साथी कलाकार के साथ मनमोहन कृष्ण - फोटो : सोशल मीडिया
रेडियो में की एंकरिंग
मनमोहन कृष्ण सिंगर बनना चाहते थे। इसलिए उनका रुझान रेडियो की तरफ था। वह कुछ दिनों तक रेडियो से जुड़े रहे। उन्होंने रेडियो शो 'कैडबरी की फुलवारी' नाम के एक गायन प्रतियोगिता का संचालन किया। यह कार्यक्रम काफी मशहूर हुआ।

चोपड़ा बंधुओं के पसंदीदा थे कृष्ण
मनमोहन कृष्ण ने बॉलीवुड करियर की शुरुआत बतौर अभिनेता 'अंधों की दुनिया (1947)' से की थी। वह चोपड़ा बंधुओं के पसंदीदा अभिनेता थे। मनमोहन कृष्ण ने उनके द्वारा निर्देशित या निर्मित फिल्मों में कई छोटी-बड़ी भूमिकाएं निभाईं। दीवार, त्रिशूल, दाग, हमराज, जोशीला, कानून, साधना, काला पत्थर, वक्त और नया दौर में उन्होंने काम किया।

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साथी कलाकारों के साथ मनमोहन कृष्ण - फोटो : सोशल मीडिया
सहायक अभिनेता के लिए मिला पुरस्कार
मनमोहन कृष्ण ने लगभग 250 फिल्मों में काम किया। इनमें से कई फिल्में कामयाब रहीं। उनकी बेहतरीन फिल्मों में दौर (1957), खानदान (1965), साधना (1958), वक्त (1965) और हमराज (1967) शामिल हैं। फिल्म 'बीस साल बाद (1962)' में उनके अभिनय के लिए उनकी खूब तारीफ हुई। फिल्म 'धूल का फूल' (1960) में उन्होंने अब्दुल रशीद की भूमिका निभाई। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार दिया गया। 

कृष्ण की फिल्म को मिला नेशनल अवॉर्ड
मनमोहन कृष्ण ने ख्वाजा अहमद अब्बास की 'शहर और सपना (1963)' में अहम भूमिका निभाई। फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। उन्होंने पहली इंडो-सोवियत सह-निर्माण फिल्म 'परदेसी (1957)' में अभिनय किया। इस फिल्म को 1958 के कान फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन पाम के लिए नामांकित किया गया था। यही नहीं मनमोहन कृष्ण ने 12 पंजाबी फिल्मों में भी अभिनय किया है। 

साथी कलाकार के साथ मनमोहन कृष्ण - फोटो : सोशल मीडिया
निर्देशन में हासिल की उपलब्धि
फिल्मों में अभिनय करने के बाद मनमोहन कृष्ण ने निर्देशन में हाथ आजमाया। यहां भी वह कामयाब रहे। उन्होंने अपने करियर में यशराज फिल्म्स के लिए हिट फिल्म 'नूरी (1979)' का निर्देशन किया। इस फिल्म का निर्देशन करने के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया।
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साथी कलाकारों के साथ मनमोहन कृष्ण - फोटो : सोशल मीडिया
गाने में आजमाया हाथ
फिल्मों में अभिनय और फिल्म का निर्देशन करने के साथ-साथ मनमोहन कृष्ण एक गायक भी थे। बहुत से लोग यह नहीं जानते हैं कि मनमोहन कृष्ण ने अपना पहला गीत 'झट खोल दे', देव आनंद की फिल्म 'अफसर (1950)' में गाया था। इस गाने का संगीत एसडी बर्मन ने दिया था।

आखिरी वक्त
मनमोहन कृष्ण एक कामयाब अभिनेता थे। आखिरी वक्त में वह बीमार हो गए थे। साल 1990 में 68 वर्ष की आयु में मुंबई के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया।
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