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अलविदा नाना: जाने से ठीक पहले किसे क्या सौंप गए नाना पाटेकर? बेटे ने कश्मीर और उत्तर भारत में उनकी योजना बताई

Fri, 09 Oct 2026 02:08 AM IST
ज्योति भास्कर एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला।

सार

अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं हैं। हालांकि, उनकी कृतियां और साामजिक कामकाज ऐसे हैं जिनसे हजारों जिंदगियां बदली हैं। उनके अंतिम संस्कार के बाद बेटे मल्हार ने नाना की विरासत और सपने पूरे करने के बारे में राज्य सरकार के रुख को लेकर बात की।
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बेटे मल्हार ने बताई नाना पाटेकर की विरासत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में एक- पद्म श्री से नवाजे जा चुके नाना पाटेकर का निधन 75 साल की आयु में हुआ। गोवा में निधन के बाद पुणे ग्रामीण के डोनजे गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने पिता की विरासत, उपलब्धियों और सपनों को लेकर बात की। मल्हार ने कहा कि नाना अपने कृतित्व से अमर हो चुके हैं। 

नाना की विरासत- मानवता के नाम पर दुनिया की बेहतरी

बेटे मल्हार पाटेकर ने नाना के सात दशक से अधिक लंबे जीवन की विरासत, जीवन को लेकर नाना के दृष्टिकोण और NAAM फाउंडेशन के कार्यों पर बात की। मल्हार पाटेकर ने बताया कि नाना साहब का मानना था कि सभी को एक साथ आकर वैश्विक स्तर पर सही रास्ते पर चलना चाहिए। वे अक्सर मानवता के नाम पर दुनिया की बेहतरी के लिए काम करने की बात दोहराते थे।

नाना कश्मीर सहित कई जगहों पर कितने सक्रिय?

बकौल मल्हार, इंसान के जीवन में जल, शिक्षा और सेहत की अहमियत को समझते हुए NAAM फाउंडेशन के माध्यम से जल, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पहल कश्मीर सहित कई जगह शुरू की गई थी। मल्हार ने कहा कि नाना साहब ने जाने से पहले सभी को विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी थीं। आज सुबह दुखद घटना होने के कारण अंतिम संस्कार तुरंत किया गया।

नाना पाटेकर का दृष्टिकोण और NAAM फाउंडेशन का काम क्या है?

मल्हार पाटेकर ने मराठवाड़ा के काम के संबंध में मुख्यमंत्री से बात की। मुख्यमंत्री ने NAAM फाउंडेशन के काम की सराहना करते हुए कहा कि यह मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणेश थोरात के मार्गदर्शन में चल रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले भी सहयोग हुआ है, पर नाना साहब इस बार और जोर देना चाहते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें उनकी कल्पना को साकार करना होगा।

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