जज एमएस रमेश और वी लक्ष्मीनारायणन की खंडपीठ ने आकाश भास्करन और विक्रम रविंद्रन द्वारा दायर याचिकाओं पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें ईडी की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। पीठ ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तारीख तय कर दी है।
कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता विजय नारायणन और अबुदुकुमार ने कहा कि याचिकाकर्ताओं का टीएएसएमएसी केस से कोई संबंध नहीं है। भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय यानी डीवीएसी द्वारा दर्ज कथित 41 एफआईआर में याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई आरोप या पहले का कोई अपराध दर्ज नहीं किया गया है।
आगे खंडपीठ ने कहा, ‘याचिकाकर्ताओं ने संबंधित किसी भी मामले में भागीदार होने से इनकार किया है। इसके अलावा कोर्ट ने विशेष लोक अभियोजक को 13 जून, 2025 के अंतरिम आदेश के माध्यम से सीलबंद लिफाफे में अपने पास मौजूद सूचना के आधार पर सामग्री पेश करने के लिए कहा है। जिससे उन्हें भरोसा हुआ है कि याचिकाकर्ताओं ने कोई ऐसा काम किया है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनता हो। साथ ही उनके पास अपराध की कोई आय, रिकॉर्ड या संपत्ति भी नहीं है।
खंडपीठ ने यह भी कहा कि 17 जून को एसपीपी ने एक सीलबंद लिफाफा, बिना तारीख और बिना हस्ताक्षर वाला संक्षिप्त स्पष्टीकरण नोट और सहायक सामग्री पेश की, जिसमें दावा किया गया कि याचिकाकर्ताओं के बारे में उनके पास जानकारी मौजूद है, जिसके कारण उन्होंने तलाशी अभियान शुरू किया। खंडपीठ ने आगे कहा, ‘जब हमने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल से कहा कि हम इस संबंध में उनके दावे को स्वीकार नहीं करते हैं, तो उन्होंने कहा कि पहले ही ईडी को याचिकाकर्ता (विक्रम) के परिसर को डी-सील करने का निर्देश दिया था। उनका यह बयान दर्ज किया जाता है। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने हमारे सामने जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा।’
ये खबर भी पढ़ें:
Vishnu Manchu: 'Kannappa' के बाद इस प्रोजेक्ट में नजर आएंगे विष्णु, पीरियड ड्रामा के बारे में तोड़ी चुप्पी
आखिरी में कोर्ट ने ये आदेश दिया
आखिर में खंडपीठ ने कहा, ‘सभी टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए इस रिट याचिका के निपटारे तक आगे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक का आदेश दिया जाएगा।’ खंडपीठ ने यह भी कहा कि ईडी को इस रिट याचिका के आखिरी निपटारे तक 16 मई को की गई तलाशी और जब्ती कार्रवाई के अनुसार याचिकाकर्ताओं की सभी जब्त संपत्तियों को वापस करने का एक और अंतरिम आदेश दिया जाएगा। याचिकाकर्ता भी इस रिट याचिका के अंतिम निपटारे तक लौटाए गए, डिजिटल डिवाइस से छेड़छाड़ नहीं करेंगे।’