बॉलीवुड के मशहूर सिंगर लकी अली इन दिनों अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसा बयान दिया जिसने सोशल मीडिया पर खूब हलचल मचाई। पहले उन्होंने गीतकार और लेखक जावेद अख्तर पर तीखा हमला बोला था, लेकिन अब उसी बयान पर माफी मांग ली है। उनका नया पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपने पिछले शब्दों को गलत संदेश बताया है और स्वीकार किया कि इंसान को कभी अहंकार नहीं पालना चाहिए।
पहले जावेद अख्तर पर कसा था तंज
कुछ दिन पहले लकी अली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जावेद अख्तर को निशाने पर लिया था। दरअसल, जावेद अख्तर का एक पुराना वीडियो इंटरनेट पर फिर वायरल हुआ था, जिसमें वे कहते नजर आए थे कि 'हिंदू, मुसलमानों जैसे मत बनो।' इस बयान को लेकर बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें लकी अली भी शामिल थे। उन्होंने एक यूजर की पोस्ट करते हुए टिप्पणी की- 'जावेद अख्तर जैसे मत बनो, वो कभी ऑरिजिनल नहीं थे, बहुत खराब इंसान हैं।' इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई।
अब आई लकी अली की माफी
एक दिन बाद ही लकी अली ने अपना रुख बदलते हुए एक लंबा नोट साझा किया। उन्होंने लिखा, 'मेरा मतलब था कि अहंकार बदसूरत होता है। यह मेरी तरफ से एक गलत संदेश था। राक्षसों की भी भावनाएं होती हैं और अगर मैंने किसी की राक्षसीता को ठेस पहुंचाई हो, तो मैं माफी मांगता हूं।' इस पोस्ट के बाद लोगों ने उनके यू-टर्न पर भी टिप्पणियां कीं, लेकिन कई फैंस ने उनकी विनम्रता की सराहना की।
आखिर विवाद क्या था?
जावेद अख्तर के वायरल वीडियो की जड़ में उनकी एक पुरानी बातचीत है, जिसमें उन्होंने फिल्म ‘शोले’ का उदाहरण देते हुए समाज में धार्मिक असहिष्णुता पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि 1975 में ‘शोले’ जैसी फिल्म बन सकती थी, लेकिन आज वैसा सीन संभव नहीं। इसी चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था, 'मुसलमानों की तरह मत बनो, उन्हें अपने जैसा बनाओ।' इस वाक्य को कई लोगों ने गलत अर्थ में लिया और विरोध शुरू हो गया।
सोशल मीडिया पर गर्म हुआ माहौल
वीडियो के वायरल होते ही एक्स पर बहस छिड़ गई। एक यूजर ने वीडियो के साथ लिखा कि जावेद अख्तर को पश्चिम बंगाल की उर्दू अकादमी ने अपने कार्यक्रम में इसलिए नहीं बुलाया। इसी पोस्ट पर लकी अली ने अपनी प्रतिक्रिया दी और बात विवाद में बदल गई। लोगों के बीच जावेद और लकी के समर्थकों की अलग-अलग राय दिखी।