लंबे वक्त तक अभिनय में रहीं सक्रिय
कामिनी कौशल ने साल 1946 में फिल्म 'नीचा नगर' नगर से करियर की शुरुआत की थी। फिल्म ‘नीचा नगर' का पहला प्रदर्शन 29 सितंबर 1946 को फ्रांस के कान अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में हुआ। वहां इस फिल्म को 'गोल्डन पाम' पुरस्कार मिला। यह चेतन आदर्श के निर्देशन में बनी पहली फिल्म थी। 20 साल की उम्र में वे स्टारडम के शिखर पर पहुंच गई थीं। करियर की दूसरी पारी में वे अभिनेता मनोज कुमार की ऑन स्क्रीन मां के रूप में चर्चित रहीं। उन्होंने शहीद (1948), नदिया के पार (1948), आग (1948), जिद्दी (1948), शबनम (1949), आरजू (1950) और बिराज बहू (1954) जैसी हिट फिल्में की थीं। 'बिराज बहू' के लिए उन्हें 1954 में सर्वश्रेष्ठ फिल्म अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। कामिनी कौशल ने हर दौर के सितारों के साथ काम किया है। फिल्म 'कबीर सिंह' में वे शाहिद कपूर की दादी के रूप में नजर आईं। वहीं, 'चेन्नई एक्सप्रेस' में उन्हें शाहरुख खान की दादी के रोल में देखा गया। साथ ही कामिनी कौशल ने आमिर खान की फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' में भी अभिनय किया था।