अविनाश तिवारी और तृप्ति डिमरी अभिनीत फिल्म 'लैला मजनू' के बारे में बताते हुए अविनाश ने कहा कि यह उनकी पहली फिल्म थी। इसके लिए उन्होंने कई साल इंतजार किए थे। फिर अविनाश ने बताया कि पहली फिल्म के रिलीज के बाद मिली असफलता ने सिखाया कि संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। आइए जानते हैं कि 'लैला मजून' फेम अभनेता अविनाश ने बातचीत में और क्या कहा..
मुझे लगा रेड कॉर्पेट बिछाया जाएगा, लेकिन….
अविनाश तिवारी ने हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया से बात करते हुए बताया कि वह पढाई को प्राथमिकता देने वाले परिवार से आते हैं। इसलिए एक्टिंग के शौकीन अविनाश ने अभिनय की पढ़ाई करी, इसके लिए वह न्यूयार्क गए। 2007 में जब वह पढ़ाई के बाद लौटे, तो उन्हें लगा कि रेड कार्पेट बिछाकर उनका स्वागत होगा। लेकन कोई नहीं आया।
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सालों की मेहनत और बॉक्स ऑफिस में धड़ाम
वह कहते हैं कई सालों के बाद उन्हें पहली फिल्म 'लैला मजनू' मिली, जिसमें उन्होंने तीन साल दिए । साल 2018 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म को दर्शकों ने सिर्फ तीन में नकार दिया था और बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुई।
छह साल बाद सिनेमाघरों में छाई यह फिल्म
पिछले साल अगस्त, 2024 में 'लैला मजनू' को री-रिलीज किया गया, जिसके बाद इस फिल्म को लोगों ने काफी पसंद किया। आज के दौर में कई फिल्में हैं, जिसे उस वक्त दर्शकों ने पसंद नहीं किया था, लेकिन रि-रिलीज के बाद फिल्मों ने मील का पत्थर हासिल किया। 'लैला मजनू' भी यह उपलब्धि हासिल करने वाली दुर्लभ फिल्मों में से एक है, जिसने दोबारा से दर्शकों के साथ गहरे संबंध को बनाए रखा।
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बॉक्स ऑफिस पर कमाए बढ़िया पैसे
दोबारा रिलीज के बाद इस फिल्म ने पहली रिलीज से कई गुना पैसे कमाए। रिपोर्ट के अनुसार फिल्म ने 3.25 करोड़ के मूल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से तीन गुना ज्यादा 8.85 करोड़ रूपये कमाए।