यादगार था रिकॉर्डिंग का दौर
गायक ने आगे लिखा, 'इस खूबसूरत डुएट गाने को सुनते ही मैं सीधे फिल्म 'दिल है कि मानता नहीं' की रिकॉर्डिंग सत्रों में खो जाता हूं। वह समय संगीत, जुनून और शानदार लोगों से भरा हुआ था। रिकॉर्डिंग के दौरान का माहौल बहुत मस्ती भरा और यादगार था।'
गुलशन कुमार याद आते हैं
कुमार सानू ने लिखा, 'मुझे सबसे ज्यादा गुलशन कुमार जी याद आते हैं। उनकी दूरदर्शिता और संगीत के प्रति लगाव ने बहुत कुछ संभव बनाया था। गुलशन जी की वजह से ही इतने सुंदर गाने बने। वे हमेशा याद किए जाएंगे। साथ ही, किशन कुमार और छोटे भूषण के साथ बिताए मीठे पल भी कभी नहीं भूल पाते। उन दिनों की दोस्ती और सहयोग आज भी दिल को छू लेते हैं।'
किसने लिखा था गाना?
उन्होंने आगे लिखा, 'फिल्म 'दिल है कि मानता नहीं' को महेश भट्ट ने निर्देशित किया था। गाने अनुराधा पौडवाल और कुमार सानू ने गाए। गाने समीर ने लिखे हैं जबकि संगीत नदीम-श्रवण ने तैयार किया है।
उन्होंने आखिरी में लिखा, 'जैसा कहा जाता है, कुछ गाने पूरी दुनिया के लिए बनते हैं…और कुछ सिर्फ उस खास पल के लिए।'
अनरिलीज्ड है गाना
बता दें कि गाना 'मस्ती भरा है ये समा' फिल्म 'दिल है कि मानता नहीं' का अनरिलीज्ड गाना है। हालांकि, इसकी रिकॉर्डिंग वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद हैं।