हाल ही में एक बंगाली टीवी सीरियल के सेट पर तकनीशियनों ने आना बंद कर दिया। ऐसा कहा जा रहा है कि इसके पीछे संबंधित डायरेक्टर श्रीजीत रॉय की वो कथित टिप्पणी जिम्मेदारी हो सकती है, जो उन्होंने तकनीशियनों के महासंघ के प्रमुख स्वरूप बिस्वास के खिलाफ की थीं। वैसे अभी तक तकनीशियनों के बहिष्कार वाला पक्ष, विचार उपलब्ध नहीं है।
ऐसे शुरू हुआ मामला
कहा जा रहा है कि डायरेक्टर श्रीजीत रॉय ने तकनीशियनों के महासंघ प्रमुख स्वरूप बिस्वास के खिलाफ कोई टिप्पणी की थी। इसके बाद ही तकनीशियनों ने श्रीजीत के सेट पर आना बंद कर दिया। जबकि रॉय ने दावा किया कि उन्होंने बिस्वास के खिलाफ कोई अप्रिय टिप्पणी नहीं की। स्वरूप बिस्वास पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के नेता अरूप बिस्वास के भाई हैं।
श्रीजीत के सपोर्ट में आए दूसरे डायरेक्टर्स
मंगलवार को निर्देशक परमब्रत चटर्जी, सुदेशना रॉय, राज चक्रवर्ती और अभिनेता अनिरबन चक्रवर्ती श्रीजीत रॉय के साथ आए, उन्हें अपना सपोर्ट देने उनके स्टूडियो गए। इस समय श्रीजीत रॉय के आने वाले सीरियल का काम रोका हुआ है क्योंकि कोई तकनीशियन काम पर नहीं आ रहे हैं। श्रीजीत रॉय ने सोमवार को फेसबुक लाइव करके अपनी परेशानी का जिक्र किया था। श्रीजीत का यह भी कहना है कि कुछ लोग उनके प्रोजेक्ट से जुड़े तकनीशियनों को भड़का रहे हैं। वह अब इस गतिरोध को खत्म करना चाहते हैं। वह बताते हैं, ‘27 जनवरी से चीजें ठीक से चल रही थीं क्योंकि आर्ट सेटिंग गिल्ड के तकनीशियन सदस्य फ्लोर पर काम कर रहे थे और एक खूबसूरत सेट तैयार हो रहा था। हालांकि, कुछ ही दिनों में मुझे उनके रवैये में बदलाव महसूस हुआ और 03 फरवरी से कोई भी तकनीशियन मेरे सेट पर नहीं आया। मुझे नहीं पता कि शूटिंग कैसे शुरू होगी।’ आर्ट सेटिंग गिल्ड फेडरेशन ऑफ सिने टेक्नीशियन एंड वर्कर्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया की एक शाखा है, जिसके अध्यक्ष स्वरूप बिस्वास हैं। उन्हीं पर कथित टिप्पणी करने वाली बात के कारण ही तकनीशियनों ने काम रोक दिया है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हस्तक्षेप की मांग
श्रीजीत आगे कहते हैं, ‘मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि तकनीशियनों के साथ मेरे बहुत अच्छे रिश्ते हैं और स्वरूप बिस्वास के साथ मेरा कोई मनमुटाव नहीं है। हालांकि महासंघ में शीर्ष पर बैठे कुछ लोग मेरे सीरियल के काम में मुश्किलें पैदा करना चाहते हैं। मैं सभी संबंधित पक्षों से बातचीत के लिए तैयार हूं। मैं चाहता हूं कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मामले में हस्तक्षेप करें।’