हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई दिग्गज निर्देशक हुए, जिनमें पार्थो घोष का भी नाम शामिल था। पार्थो घोष एक ऐसे फिल्ममेकर थे, जिन्होंने 1990 और 2000 के दशक में दर्शकों को रोमांच, भावनात्मक और सामाजिक सोच से जुड़ी कहानियां दीं और उन्होंने इसे खूब सराहा था। फिल्मी दुनिया में उन्हें '100 डेज' और 'अग्नि साक्षी' जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए पहचाना जाता है।
80 के दशक में सिनेमा करियर की शुरुआत
पार्थो घोष का जन्म 8 जून 1949 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में हुआ था। उनका बचपन साहित्य, कला और संगीत में ही बीता। सिनेमा के प्रति जुनून ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री की तरफ आकर्षित किया था। साल 1985 में उन्होंने एक सहायक निर्देशक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की। करियर की शुरुआत उन्होंने बंगाली फिल्मों से किया था, फिर बाद में कई हिंदी फिल्में बनाई।