क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 अप्रैल को केसी बोकाडिया इस मामले को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे हैं। दरअसल, सेंसर बोर्ड द्वारा सर्टिफिकेट देने से इंकार के बाद एक्जामिनिंग कमेटी ने केसी बोकाडिया को यह फिल्म रिवीजन कमेटी के पास ले जाने को कहा। केसी बोकाडिया के अनुसार, रिवीजन कमेटी के पास फिल्म पहुंचने के बाद ने कमेटी ने वयस्कों के लिए सर्टिफिकेट देने की बात के साथ 14 सीन पर कट्स या बदलाव करने को कहा, जिनमें से 'जय श्री राम' वाले एक सीन को भी हटाने को कहा गया।
सुझाए मानने से इंकार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केसी बोकाड़िया ने सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए कट्स को मानने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने यह बात सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को भी बताई और कहा, 'मैंने पिछले 40 सालों में 60 फिल्में बनाई हैं, लेकिन सेंसर बोर्ड ने कभी किसी को इस तरह परेशान नहीं किया। अगर मेरी फिल्म को रिलीज करने की अनुमति नहीं दी गई तो मैं इसके खिलाफ हाई कोर्ट जाऊंगा।'
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