सात साल बाद संभाली निर्देशन की कमान
फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' सिनेमाघरों में सफल रही। इसमें रणवीर सिंह और आलिया भट्ट लीड रोल में नजर आए। दर्शकों को फिल्म की कहानी से लेकर दोनों सितारों की केमिस्ट्री तक सबकुछ पसंद आया। करीब सात साल बाद करण जौहर ने किसी फिल्म के निर्देशन की कमान संभाली थी। करण जौहर का कहना है कि फिल्म की रिलीज से पहले वे काफी नर्वस थे और यह उनके लिए काफी मुश्किल वक्त रहा।
'असफलता का डर सबसे बड़ी असुरक्षा'
करण जौहर से हाल ही में राज शमनी के साथ एक इंटरव्यू में उनकी सबसे बड़ी असुरक्षा के बारे में पूछा गया। इसका जवाब देते हुए, फिल्म निर्माता ने कई असुरक्षाओं के बारे में बताया। बाद में जब उनसे उनकी सबसे बड़ी असुरक्षा का जिक्र करने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें असफल होने का डर है।
बोले- 'हम बीच में फंसे हुए थे'
करण जौहर ने उदाहरण देते हुए कहा कि वे सात साल बाद 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' के साथ निर्देशक के रूप में वापसी कर रहे थे। यह फिल्म जुलाई 2022 में रिलीज होने वाली थी और उनकी रिलीज बहुत अव्यवस्थित थी, क्योंकि 'ओपेनहाइमर' और 'बार्बी' पहले ही स्क्रीन पर आ चुकी थीं। 'गदर 2' कतार में थी। करण जौहर ने कहा, 'हम बीच में फंसे हुए थे'।