Shah Rukh Khan Movie Kabhi Alvida Naa Kehna: साल 2006 में आई फिल्म 'कभी अलविदा ना कहना' को रिलीज हुए अगस्त में 20 साल पूरे हो गए। अब इसके निर्देशक करण जौहर ने मूवी और कास्ट से जुड़े कई किस्से शेयर किए हैं। आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या बताया।
करण जौहर के निर्देशन में बनी हिट रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ आज भी उनके और शाहरुख खान के करियर की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली फिल्मों में से एक है। इस साल फिल्म ने अपनी रिलीज के 20 साल पूरे किए। मूवी की कहानी दो शादीशुदा लोगों देव (शाहरुख खान) और माया (रानी मुखर्जी) के एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशनशिप के इर्द-गिर्द घूमते हुए दिखाई गई थी।
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बता दें कि पहले 'माया' का रोल काजोल को ऑफर हुआ था, लेकिन अभिनेत्री ने उसे करने से मना कर दिया था। फिर यह रानी मुखर्जी को मिला। अब करण जौहर ने हाल ही में बताया कि काजोल की तरह शाहरुख खान को भी इस फिल्म को लेकर कुछ शंकाएं थीं, खासकर अपने किरदार को लेकर।
फिल्म 'कभी अलविदा ना कहना'
- फोटो : यूट्यूब ग्रैब
फिल्म को लेकर क्या बोले थे शाहरुख खान?
करण ने हाल ही में माराकेश फिल्म फेस्टिवल में बात करते हुए इस बारे में बताया कि ‘कभी अलविदा ना कहना’ की शूटिंग के दौरान शाहरुख खान ने उनसे कहा, 'मुझे नहीं पता कि खुद को लोगों का पसंदीदा कैसे बनाया जाए।' इस पर करण ने उन्हें जवाब दिया, 'तुम शाहरुख खान हो। 'हेलो' कहते ही तुम सबका दिल जीत लेते हो।'
निर्देशक ने एक्टर से कहा था, 'कोई शाहरुख खान से प्यार कैसे नहीं कर सकता? तुम तो प्यार का दूसरा नाम हो।' सिर्फ इतना ही नहीं, करण ने बताया कि 'कभी अलविदा ना कहना' को शूट करना बहुत मुश्किल था। यह मेनस्ट्रीम हिंदी सिनेमा की शुरुआती बड़े बजट की फिल्मों में से एक थी, जिसमें बेवफाई जैसे विषय को दिखाया गया था।
करण ने कहा, 'शाहरुख खान, जो परफेक्ट लवर, भाई, पति और बेटे की छवि रखते थे, उनका फिल्म में अफेयर दिखाना... हमें नहीं पता था कि दर्शक उस किरदार या रिश्ते को स्वीकार करेंगे या नहीं।'
फिल्म 'कभी अलविदा ना कहना'
- फोटो : यूट्यूब ग्रैब
शूटिंग के दौरान क्या आ रही थी चुनौती?
करण जौहर ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान हर दिन उनके और शाहरुख खान के लिए एक चुनौती जैसा था। निर्देशक ने कहा, 'मुझे नहीं पता था कि मैं उन्हें सही कैसे ठहराऊं। दोनों किरदार काफी ग्रे और गलतियां करने वाले थे और फिल्म के अंत तक भी ऐसे ही रहे। इसलिए हम एक बड़ा रिस्क ले रहे थे। आज पीछे मुड़कर देखता हूं तो मुझे खुशी है कि मैंने यह फिल्म बनाई। लेकिन उस समय लोग सवाल कर रहे थे कि मैं पागल हो गया हूं, मैंने कहानी को कहां पहुंचा दिया और शाहरुख खान के साथ ऐसा क्यों किया।'
फिल्म 'कभी अलविदा ना कहना'
- फोटो : यूट्यूब ग्रैब
करण ने यह भी बताया कि एक दूसरे बड़े फिल्म स्टार ने उन्हें इस फिल्म को लेकर लेक्चर दिया था। उन पर बेवफाई को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। इस पर करण ने जवाब देते हुए कहा, 'मैं ऐसी चीज को बढ़ावा कैसे दे सकता हूं, जो पहले से ही समाज में मौजूद है? बेवफाई हर किसी की जिंदगी में होती है। हम शायद इसे नजरअंदाज कर दें, लेकिन यह होती है। यह फिल्म इसे छिपाती नहीं है, बल्कि इसके बारे में बात करती है। मुझे इस फिल्म पर खुशी और गर्व है। आपकी सलाह के लिए शुक्रिया, लेकिन मैं इसे नहीं मानूंगा।'
करण जौहर ने आगे कहा कि अगर उनके पिता और दिग्गज प्रोड्यूसर यश जौहर उस समय जिंदा होते, तो शायद वह 'कभी अलविदा ना कहना' बना ही नहीं पाते। करण ने कहा, 'मेरे पिता कई मायनों में मेरी अंतरात्मा और मेरे नैतिक मार्गदर्शक थे। वह मुझे यह फिल्म बनाने की इजाजत कभी नहीं देते, क्योंकि वह बहुत पारंपरिक और रूढ़िवादी सोच वाले इंसान थे और शाहरुख को बहुत सम्मान देते थे।' बता दें कि यश जौहर का 2004 में कैंसर से निधन हो गया था।