इस इंडस्ट्री में खुद को बनाए रखने के लिए आपकी क्या रणनीति रहती है?
मैंने कभी अपनी क्षमताओं को दूसरों की राय पर आधारित नहीं किया। मुझे खुद पता होता है कि मैं अच्छा काम कर रहा हूं या नहीं। मुझमें अपने सफर को लेकर एक भरोसा है। वो मेरा है और उसके फैसले भी मैं ही लूंगा। कई बार सही निर्णय होते हैं, कई बार गलत, लेकिन वो मेरे निर्णय होते हैं। मैं किसी को दोष नहीं देता। अगर गलती हो भी जाए तो उससे सीखता हूं, बस। शुरू में लोगों को लगता था कि मैं पागल हूं, लेकिन मेरे अंदर हमेशा एक योजना रही है, भले वो बार-बार बदलती रहती है। मेरा मानना है कि इंसान को अपनी दिशा खुद तय करनी चाहिए। जहाँ सिनेमा मुझे ले जाएगा, मैं वहीं जाऊंगा। फिलहाल सब ठीक चल रहा है और आगे क्या होगा, वो वक्त बताएगा।
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15 साल पहले के खुद को क्या सलाह देंगे?
सबसे बड़ी सलाह यही होगी कि सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल सीखो। उस समय मुझे इसके बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं था। मैं बस सेल्फी लेता और पोस्ट कर देता था, जैसे सब लोग कर रहे थे। मेरे पास नोकिया फोन था, जो अच्छी तस्वीरें खींचता था, लेकिन मैं इसे क्रिएटिव तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता था। बस फुटलेस सेल्फी डालना ही मेरी आदत थी।
सच कहूं तो यह कोई बड़ी गलती नहीं थी। मैंने हमेशा वही किया जो मुझे करना था। गलतियाँ कभी-कभी हो जाती हैं, या लोग मेरे एक्शन से नाराज़ हो जाते हैं, लेकिन हर किसी को खुश करना संभव नहीं है। मैं हमेशा अपने निर्णय पर भरोसा करता हूं और जो मुझे सही लगता है, वही करता हूं।
करियर में ब्रेकथ्रू पल कब आया?
मेरे लिए ऐसा पल 'शैतान' के समय आया। जब हम इसे शूट कर रहे थे, मुझे लगा कि कुछ अलग हो रहा है। यह अच्छा होगा या बुरा, मैं नहीं कह सकता था, लेकिन यह अलग था। हम कुछ नया कर रहे थे और मुझे लगता था कि लोग इसे अलग तरीके से रिसीव करेंगे। हमने फिल्म की बहुत पब्लिसिटी भी की और मुझे उस समय एक अहसास था कि इससे कुछ बदलाव होगा।