कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
करीब 34 साल तक चले इस केस में कोर्ट ऑफ स्मॉल कॉजेज की अपीलीय पीठ ने कमाल अमरोही के बेटे ताजदार अमरोही के पक्ष में फैसला सुनाया। पीठ ने माना कि सोसाइटी ने जानबूझकर किराया देने में लापरवाही बरती और बॉम्बे रेंट एक्ट की धारा 12(3) का उल्लंघन किया।
जज आशीष अयाचित और डीआर माली की बेंच ने कहा कि सोसाइटी ने अनुबंध के तहत तय किए गए किराये को लगातार न चुकाकर बड़ी लापरवाही की है और अब जमीन पर उसका कोई अधिकार नहीं रह जाता। इसलिए कोर्ट ने आदेश दिया कि सोसाइटी को छह महीने के अंदर यह जमीन खाली कर ताजदार अमरोही को सौंपनी होगी।
ये खबर भी पढ़ें: Alia Bhatt: कान के रेड कार्पेट पर आलिया ने ‘आपदा’ को बनाया अवसर, वायरल वीडियो देख जमकर तारीफ कर रहे फैंस
हाईकोर्ट में अपील की तैयारी
हालांकि सोसाइटी ने हार नहीं मानी है और अब इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। सोसाइटी के सदस्यों का कहना है कि इतने लंबे समय से वो इस जमीन पर रह रहे हैं और अब अचानक इसे खाली करना उनके लिए बहुत मुश्किल है।
बॉलीवुड की विरासत मानी जाती हैं जमीन
मीना कुमारी और कमाल अमरोही की यह जमीन न सिर्फ एक संपत्ति है, बल्कि यह बॉलीवुड की एक महत्वपूर्ण विरासत भी मानी जाती है। ताजदार अमरोही के मुताबिक, यह फैसला न सिर्फ उनके लिए व्यक्तिगत जीत है, बल्कि उनके माता-पिता की विरासत को सम्मान लौटाने का एक तरीका भी है।