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'ऐसी फिल्में छिपे सच सामने लाती हैं, इसलिए मुश्किल में पड़ती हैं'; 'सतलुज' विवाद पर जिमी शेरगिल की प्रतिक्रिया

Sat, 08 Aug 2026 09:22 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Jimmy Shergill On Satluj Film: फिल्म 'सतलुज' विवाद पर हाल ही में जिमी शेरगिल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि इस तरह की फिल्मों की रिलीज आखिर मुश्किल में क्यों पड़ जाती है?
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सतलुज-जिमी शेरगिल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फिल्म 'सतलुज' पर हाल ही में जिमी शेरगिल ने अपना रिएक्शन दिया है। इस फिल्म की रिलीज पर लगी रोक को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो अभिनेता ने कहा कि इतिहास के राजनीतिक रूप से संवेदनशील दौर को दिखाने वाली फिल्में अक्सर मुश्किलों में पड़ जाती हैं, क्योंकि वे छिपे हुए सच सामने लाती हैं। इससे चीजें अपने आप पेचीदा और राजनीतिक हो जाती हैं।

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जिमी शेरगिल ने क्या कहा?
संवेदनशील विषय पर बनी फिल्म 'सतलुज' रिलीज क्यों नहीं हो पाई, जबकि इसी तरह के विषय पर बनी उनकी अपनी पहली फिल्म 'माचिस' को काफी सराहा गया था। जिमी शेरगिल ने इसका दिलचस्प जवाब दिया। 
फिल्म 'सतलुज' रिलीज विवाद को लेकर शेरगिल शेरगिल ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 'राजनीति होती है और हमेशा होती रहेगी, लेकिन जब ऐसे मुद्दों को उठाया जाता है तो यह अच्छी बात है, क्योंकि इससे हर पहलू खुलकर सामने आता है। जब आप संवेदनशील मामलों के किसी एक पहलू को भी छूते हैं, तो दूसरे छिपे हुए पहलू भी सामने आ जाते हैं। तो, यही इसकी राजनीति है'।
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जी5 से हटाई गई सतलुज
बता दें कि एक्टर-सिंगर दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' पिछले महीने भारत में ZEE5 पर रिलीज हुई थी, लेकिन सिर्फ दो दिन बाद ही यह भारत में इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं रही। मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर बनी यह फिल्म तीन साल से ज्यादा समय तक सेंसरशिप में फंसी रही और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने इसमें 127 से ज्यादा कट लगाने को कहा था।

कब रिलीज हुई थी माचिस?
बता दें कि फिल्म 'माचिस' साल 1996 में रिलीज हुई थी। गुलजार निर्देशित फिल्म 'माचिस' 1980 के दशक में पंजाब में उथल-पुथल भरे उग्रवाद के दौर पर आधारित थी। चंद्रचूर सिंह, ओम पुरी और तब्बू जैसे सितारों से सजी यह पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म है, जिसमें हिंसा में फंसे लोगों की निजी और राजनीतिक उथल-पुथल को दिखाया गया।

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