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जावेद अख्तर ने याद किया विरोध प्रदर्शन का दौर, पत्नी के साहस को सराहा, बोले- ‘मुझे उस पर गर्व है’

सार

Javed Akhtar On Shabana Azmi: जावेद अख्तर और शबाना आजमी की जोड़ी नई पीढ़ी के लिए मिसाल है। अब हाल ही सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शबाना के शामिल होने पर जावेद ने काफी कुछ कहा है। जानें क्या बोले जावेद?
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शबाना आजमी, जावेद अख्तर - फोटो : एक्स
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विस्तार
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बीते दिनों दिल्ली में हो रहे सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में फिल्मी दुनिया की कई हस्तियों ने जेनजी का बढ़-चढ़कर साथ दिया था। मशहूर अदाकारा शबाना आजमी भी इसमें शामिल हुई थीं। अब एक इंटरव्यू में उनके पति जावेद अख्तर ने बात करते हुए शबाना की जमकर तारीफ की। 

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शबाना पर क्या बोले जावेद? 
गीतकार जावेद अख्तर ने हाल ही में लेट्स टॉक विद देवना जी नाम के पॉडकास्ट पर मेहमान बनकर पहुंचे थे। वहां उन्होंने कहा, ‘जब मैं लंदन में था, तब उसने मुझे फोन करके बताया कि वह दिल्ली में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रही है। जब उसने मुझे बताया, तो मुझे पता था कि वह जाएगी। यह अंतरात्मा की आवाज है।
मैंने उसे एक बार भी मना नहीं किया या दोबारा सोचने के लिए नहीं कहा। जिस क्षण उसने मुझसे कहा कि क्या मैं नहीं जा सकती? मुझे पता चल गया कि पुरानी शबाना जाग उठी है और उसे कोई नहीं रोक सकता और उसने ऐसा कर दिखाया। मुझे उस पर गर्व है।’

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शबाना आजमी, जावेद अख्तर - फोटो : एक्स

शबाना की जमानत कराने गए थे जावेद 
जावेद अख्तर ने इस इंटरव्यू में किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया, 'यह पहली बार नहीं है जब उसने ऐसा किया है। अब उनकी उम्र हो गई है, इसलिए ऐसे काम कम करती है। एक बार तो मैं उसे जमानत पर छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन गया था। वह मुंबई में भूख हड़ताल पर थी। वह इन सब चीजों में काफी सक्रिय रही है। ऐसा नहीं है कि हमें डर नहीं लगता। हमें अक्सर डर लगता है। लेकिन कभी-कभी डर पर काबू पाना पड़ता है और सच को सच कहना पड़ता है। वरना आप खुद को आईने में नहीं देख पाएंगे।’

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शबाना आजमी और जावेद अख्तर - फोटो : इंस्टाग्राम-@azmishabana18

पीएम मोदी से लगाई गुहार
बता दें कि शबाना आजमी ने बीते दिनों यह बताया था कि  उन्होंने और जावेद अख्तर ने दिल्ली में हुए प्रदर्शन में शामिल होने से पहले इसे खत्म करने की कोशिश की थी। वह दोनों चाहते थे कि सरकार और प्रदर्शकारियों में सुलह का रास्ता बन सके।
शबाना और जावेद ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया था। वे प्रदर्शनकारी छात्रों से इस मामले पर चर्चा करें। पत्र भेजने के तीन दिनों बाद तक कोई जवाब न मिलने पर शबाना ने स्वयं प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला किया।

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