गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने हाल ही में सोशल मीडिया पर 'जिहादी लॉजिक' पर कसे एक तंज पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस्माली विचारधारा का विरोध करने वाले शख्स इम्तियाज मदमूद के एक पोस्ट पर तीखा कटाक्ष करते हुए सवाल उठा दिए हैं। अब इस मामले ने सोशल मीडिया पर नई बहस को जन्म दे दिया है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
इम्तियाज मदमूद ने जिहादी विचारधारा पर कसा तंज
दरअसल जावेद अख्तर ने इम्तियाज मदमूद के 'जिहादी लॉजिक' को लेकर किए एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। मदमूद ने अपनी पोस्ट में लिखा था- 'जिहादी यह मानते हैं कि यहूदी यरुशलम पर कब्जा किए हुए हैं और वहां के मूल निवासी नहीं हैं जबकि मुगल मथुरा के मूल निवासी हैं। जिहादी लॉजिक।' यह विचार आमतौर पर इजराइल-फिलिस्तीन विवाद में फिलिस्तीनी समर्थकों द्वारा कहा जाता है।
जावेद अख्तर ने दिया जवाब
इस पोस्ट के बाद जावेद अख्तर ने इसे सीधे गणित और इतिहास से जोड़ दिया और महमूद के ज्ञान पर सवाल उठाए। ट्वीट में उन्होंने लिखा कि अगर आप मध्ययुगीन समय (लगभग ढाई-साढ़े सदी) और 20वीं सदी के 75 साल में फर्क नहीं बता सकते, तो आप न केवल इतिहास बल्कि गणित का भी खराब छात्र रहे होंगे'
सोशल मीडिया पर नई बहस
इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर नई बहस को जन्म दे दिया। कई लोगों ने जावेद की प्रतिक्रिया पर अपना रिएक्शन दिया। कुछ ने इसे बिंदास कटाक्ष माना, तो कुछ ने इसे धार्मिक या सामाजिक संदर्भ में विवादास्पद बताया। जावेद अख्तर को लेकर पहले भी सोशल-मीडिया पर उनके विचारों, धर्म-संबंधी व्याख्याओं और टिप्पणी शैली को लेकर चर्चा होती रही है।