इरफान खान भारतीय सिनेमा के उन अभिनेताओं में शामिल थे, जिन्हें सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों में पहचाना जाता था। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक उन्होंने बेहतरीन फिल्में कीं। उनके किरदार भी जिंदगी को लेकर अलग नजरिया दर्शकों को देते थे। लेकिन फिर इरफान की जिंदगी में एक मुश्किल दौर आया। न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से वह पीड़ित हो गए थे। इस बीमारी से लड़ते हुए इरफान ने 29 अप्रैल, 2020 को दुनिया को अलविदा कह दिया। अपने आखिरी वक्त में इरफान खान ने सोशल मीडिया पर जिंदगी को लेकर अपना नजरिया साझा किया था। यहां, पढ़िए इरफान के लिखे उन्हीं ट्वीट्स को।
कभी ना हार माने की दी सीख
दिवंगत अभिनेता इरफान खान ने अपने एक्स अकाउंट पर एक ट्वीट 5 मार्च, 2018 को किया, जिसमें उन्होंने बताया कि अचानक कोई खबर आपको चौंका देती है। अभिनेता ने बताया कि उनके जीवन में किसी दुर्लभ बीमारी का आगमन हुआ है। इसके बावजूद उन्होंने ट्वीट के जरिए यह संदेश दिया कि कितनी भी भयानक परिस्थिति आपके जीवन में आ जाए, लेकिन आपको हारना नहीं चाहिए बल्कि डटकर उसका सामना करना चाहिए। इस संदेश के जरिए इरफान ने जीवन का सबसे अनमोल मंत्र साझा किया था।
जिंदगी को लेकर नहीं की कभी शिकायत
इरफान खान को जब अपनी बिमारी का पता चला तो उन्होंने 16 मार्च, 2018 को अपने एक्स अकाउंट पर फिर एक ट्वीट किया। इसमें उन्होंने मार्गरेट मिशेल का एक विचार लिखा था। इसमें लिखा था कि आपके अनुसार हर चीज नहीं होती है। इस बात को लिखने का साथ ही अभिनेता ने बताया कि उन्हें न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर है। इरफान के इस ट्वीट के बहुत गहरे मायने निकलते हैं। इरफान का यह ट्वीट उनकी मानसिक स्थिति और समझ को दर्शाता है कि जीवन अपने खुद के नियमों से चलता है, इस पर इंसानों का कोई जोर नहीं होता है। इस बात को अभिनेता ने बखूबी से स्वीकार किया। उन्होंने अपनी बीमारी से लंबी लड़ाई लड़ी और कभी उससे शिकायत नहीं की।
प्यार की अहमियत भी समझाई
इरफान खान ने 3 अप्रैल 2019 को एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने बताया कि जीवन की भागदौड़ में हम प्यार के महत्व को भूल जाते हैं। इसके जरिए अभिनेता ने संदेश दिया कि प्यार और अपनों का साथ आपके जीवन में कई समस्याओं को दूर कर देता है। प्यार किसी रोग में दवा का काम करता है, वो प्यार आपकी मां का हो सकता है, प्रेमिका का, अपनों का या किसी का भी हो सकता है। इस तरह इरफान ने प्यार की अहमियत को बयां किया।
आखिर तक समाजसेवा करते रहे इरफान
इरफान खान ने अपने निधन के 20 दिन पहले यानी 9 अप्रैल 2020 को एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने प्रवासी मजदूरों के लिए एक दिन उपवास रखने का कदम उठाया था। साल 2020 में कोरोना वायरस के कारण 21 दिनों तक लॉकडाउन लगा था, जिस कारण सभी प्रवासी मजदूरों की जिंदगी पटरी से उतर गई थी। इसे देखते हुए अभिनेता ने यह कदम उठाया था। इस बात से पता चलता है कि गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के बाद भी जीवन में दूसरों की समस्या उनके लिए अहम थी। वह दूसरे की पीड़ा को समझते थे।