तातालू की मौत की सजा बरकरार
पिछले महीने ईरानी सुप्रीम कोर्ट ने उसकी मौत की सजा को बरकरार रखा। न्यायपालिका के प्रवक्ता असगर जहांगीर ने पिछले महीने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से कहा 'इस फैसले की अब तस्दीक हो गई है और इसे लागू किया जा सकता है।'
ईरान के कई कार्यकर्ताओं ने तातालू की फांसी की निंदा की है और कथित तौर पर जेल में खुद को मारने की कोशिश करने के बाद उनकी सुरक्षा के लिए चिंता जाहिर की है।
कौन हैं तातालू?
तातालू ने साल 2003 में ईरानी संगीतकार के तौर पर अपना करियर शुरू किया। उन्होंने अपने गानों में फारसी गीतों के साथ रैप और रॉक की पश्चिमी शैलियों को मिलाया। 2011 में रिलीज हुए उनके पहले एल्बम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकप्रिय होने के बावजूद उन्होंने ईरान में कभी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन नहीं किया। इसकी वजह यह है कि ईरान में म्यूजिक के सार्वजनिक प्रोग्राम नहीं होते हैं।
तातालू को मौत की सजा
तेहरान की आपराधिक अदालत ने शुरू में तातालू को ईशनिंदा के लिए पांच साल की सजा सुनाई थी। ईरान के सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को खारिज कर दिया और उनके मामले को दूसरी अदालत में भेज दिया, जिसने उन्हें जनवरी 2025 में मौत की सजा सुनाई। रैपर को वेश्यावृत्ति को बढ़ावा देने और नैतिक भ्रष्टाचार सहित कई अलग-अलग मामलों में पहले से ही दस साल की जेल की सजा का सामना करना पड़ रहा है।
विवादों में रहे हैं तातालू
तातालू 2015 में ईरान के अर्धसैनिक क्रांतिकारी गार्ड और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम का समर्थन करने वाले एक संगीत वीडियो में दिखाई दिए थे।
उन्होंने साल 2017 में ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के साथ एक अजीबोगरीब टेलीविजन चर्चा की थी. बाद में रईसी की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।