'इंडस्ट्री में रिश्तों को याद रखना चाहिए'
अशोक पंडित ने 'हिंदी रश' को बताया, 'एक्सेल ने रणवीर सिंह को तब साइन किया था, जब उनकी चार फिल्में फ्लॉप हो गई थीं। उन्होंने उन्हें 'धुरंधर' के सफल होने से पहले ही साइन कर लिया था'। अशोक पंडित के मुताबिक, जब करियर ऊपर की ओर बढ़ने लगे, तब भी इंडस्ट्री के रिश्तों को याद रखना चाहिए। यह अच्छी बात है कि फिल्म सफल रही और अब रणवीर एक अलग स्तर पर काम कर रहे हैं, लेकिन लोगों को उन लोगों को भी याद रखना चाहिए, जो तब उनके साथ खड़े थे जब हालात उनके पक्ष में नहीं थे'।
'हमने इससे बड़ा स्टारडम देखा है'
अशोक पंडित ने बॉलीवुड में स्टारडम के स्वरूप पर बात करते हुए कहा, 'हमने इससे भी बड़ा स्टारडम देखा है। हमने राजेश खन्ना का स्टारडम देखा है। शाहरुख खान का स्टारडम देखा है। हमने सलमान खान का स्टारडम देखा है। स्टारडम एक सापेक्ष चीज है। दर्शकों का प्यार अनमोल है, लेकिन प्रोफेशनलिज्म ही इंडस्ट्री की नींव है। लोग आपको पसंद करते हैं, आपके लिए तालियां बजाते हैं और आपकी सफलता का जश्न मनाते हैं। यह बहुत अच्छी बात है, लेकिन कमिटमेंट और भरोसा भी उतने ही जरूरी हैं।
'धुरंधर' और 'डॉन 3' को न जोड़ें
अशोक पंडित ने आदित्य धर और 'धुरंधर' की खास तौर पर तारीफ की। उनका मानना है कि इसने बॉलीवुड को बहुत जरूरी बढ़ावा दिया है। अशोक पंडित के मुताबिक, 'आदित्य धर ने इंडस्ट्री में नई जान डाल दी है। उन्होंने इस बिजनेस में ऑक्सीजन का काम किया है। 'धुरंधर' ऐसी फिल्म है, जो सच में लोगों को थिएटर तक वापस ला सकती है। पूरी इंडस्ट्री ने इस कामयाबी का जश्न मनाया है'। हालांकि, 'धुरंधर' और इसे मेकर्स की तारीफ करने के बावजूद अशोक पंडित ने जोर देकर कहा कि 'धुरंधर' की सफलता और 'डॉन 3' के विवाद को अलग-अलग देखा जाना चाहिए।
बोले- 'हमारा किसी से निजी झगड़ा नहीं'
उन्होंने कहा, 'हम 'धुरंधर' की सफलता का जश्न मना रहे हैं और आगे भी मनाते रहेंगे, लेकिन वह मामला बिल्कुल अलग है'। अशोक पंडित ने कहा कि किसी फिल्म की सफलता को कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े विवाद के साथ मिलाने से सिर्फ कन्फ्यूजन पैदा होता है। इंडस्ट्री भरोसे पर टिकी है। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि फेडरेशन का बड़ा मकसद इंडस्ट्री के इकोसिस्टम की रक्षा करना है। हमारा किसी से कोई निजी झगड़ा नहीं है। हमारी एकमात्र चिंता यह सुनिश्चित करना है कि इंडस्ट्री में भरोसा और पेशेवर तरीका बना रहे।