हाल ही में वॉशिंगटन डीसी की फेडरल कोर्ट (संघीय अदालत) में जज अरुण सुब्रमण्यम ने अमेरिकी रैपर और प्रोड्यूसर सीन डिडी कॉम्ब्स को 50 महीने यानी लगभग चार साल दो महीने की सजा सुनाई। इतने दिनों तक रैपर को जेल में रहना होगा। सीन डिडी कई गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं। इस केस के जज अरुण सुब्रमण्यम रैपर को सजा देने के बाद से ही चर्चा में आ गए हैं। भारतीय मूल के जज अरुण सुब्रमण्यम के बारे में विस्तार से जानिए।
भारत से अमेरिका पहुंचे माता-पिता
अरुण सुब्रमण्यम के माता-पिता भारत से अमेरिका पहुंचे। पिता पेशे से इंजीनियर थे और मां ने बतौर बुककीपर काम किया है। साल 1979 में पिट्सबर्ग, पेंसिल्वेनिया में अरुण सुब्रमण्यम का जन्म हुआ। वह जन्म से अमेरिकी नागरिक हैं। अरुण सुब्रमण्यम ने लॉ फील्ड में करियर बनाने का मन बनाया। उन्होंने केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी से आर्ट्स में ग्रेजुएशन की। 2004 में कोलंबिया लॉ स्कूल से ज्यूरिस डॉक्टर (JD) की डिग्री ली।
ज्यूडिशियल क्लर्क से शुरू किया करियर
डिग्री लेने के बाद अरुण ने बतौर ज्यूडिशियल क्लर्क अपना करियर शुरू किया। लगन और ईमानदारी के दम पर वह आगे चलकर अमेरिकी लॉ फील्ड में एक चर्चित नाम बन गए। चर्चित लॉ फर्म का हिस्सा बने। अरुण सुब्रमण्यम ने लोगों के उपभाेक्ता अधिकारों के केस लड़े। साथ ही बाल तस्करी के पीड़ितों का भी साथ दिया। अपने इन्हीं कामों के कारण वह काफी चर्चा में रहे।
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रैपर सीन डिडी को सुनाई सख्त सजा
वॉशिंगटन डीसी की फेडरल कोर्ट (संघीय अदालत) में जज अरुण सुब्रमण्यम ने रैपर सीन डिडी को सजा सुनाते हुए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। वह कहते हैं, ‘सजा इतनी होनी चाहिए जो यह मैसेज दे कि इस तरह के अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।' अदालत ने रैपर पर 5 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 4.2 करोड़ रुपये) का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा रैपर को 5 साल की सुपरवाइज्ड रिलीज (निगरानी अवधि) की सजा भी काटनी होगी। बताते चलें कि रैपर सीन डिडी पर मानव तस्करी और इससे जुड़ा रैकेट चलाने का आरोप लगा था। साथ ही यौन उत्पीड़न का केस भी दर्ज हुआ। मानव तस्करी के आरोपों से रैपर को बरी कर दिया गया। लेकिन यौन उत्पीड़न मामले में सजा सुनाई गई।