आपको बता दें कि इस फिल्म की राइटर, डायरेक्टर, सिनेमेटोग्राफर, एडिटर और प्रोडक्शन डिजाइनर भी रीमा दास खुद ही हैं। रीमा ने यूट्यूब पर फिल्में देख-देखकर डायरेक्शन और रिद्म ऑफ द स्टोरी से एडिटिंग सीखी थी। जहा एक तरफ रीमा को यह फिल्म बनाने में 4 साल का लंबा वक्त लगा था तो वहीं उन्होंने इस फिल्म पर 25 लाख रुपए खर्च किए थे। बता दें कि यह पैसे रीमा ने अपने परिवार वालों और असम की को-ऑपरेटिव सोसायटीज की मदद से जुटाए थे।
फिल्म 'द विलेज रॉकस्टार’ की कहानी सपने और अस्तित्व की है। फिल्म में 10 साल बच्ची धुनू अपनी मां के साथ गुरबत में दिन काट रही है। वह गांव में एक बैंड को परफॉर्म करते देखती है और तय करती है कि वह भी बैंड बनाएगी लेकिन न तो उसके पास गिटार खरीदने के पैसे हैं और न किसी भी तरह का सपोर्ट। लेकिन उसके बाद भी धुनू कुछ न कुछ करके अपने सपनों के करीब आ जाती है लेकिन तभी गांव में बाढ़ आ जाती है। अब उसे तय करना है कि सपना चुनना है या सरवाइवल।
फिल्म का थीम लोगों को काफी पसंद आया था। फिल्म दुनियाभर के 44 फिल्म फेस्टिवल में अवार्ड जीत चुकी है। तो वहीं इस फिल्म ने इसी साल 4 नेशनल अवार्ड भी अपने नाम किए थे।