संगीतकार नील यंग ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक एक्शन कमिटी 'ट्रंप 47 कमिटी इंक' के खिलाफ 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि कमिटी ने मिडटर्म चुनाव रैलियों में राष्ट्रपति के मंच पर आने के दौरान, बिना इजाजत के उनके गाने 'रॉकिन इन द फ्री वर्ल्ड' का इस्तेमाल किया।
ट्रंप के खिलाफ पहले भी हुआ मुकदमा
'रॉकिन इन द फ्री वर्ल्ड' के अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर ट्रंप के खिलाफ यह यंग की दूसरी कानूनी कार्रवाई है। यंग ने पहली बार 2020 में ट्रंप पर मुकदमा किया था, जिसे बाद में आपसी समझौते से सुलझा लिया गया था। गायक के इस नए मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि ट्रंप ने उस समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए, फिर से इस गाने का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : एक्स
क्या हैं आरोप?
इस गाने को बजाने को लेकर ट्रंप के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। आरोप है कि '1989 का यह क्लासिक गाना एक एंथम है, जो अमेरिकी राजनीतिक दावों के खोखले वादों, गरीबों, बेघरों, भुला दिए गए लोगों की कठोर वास्तविकताओं के बीच का अंतर दिखाता है। इसके बोल सड़क की हकीकतों की एक तस्वीर पेश करते हैं, जैसे अपने बच्चे को छोड़ती एक मां, निराशा में डूबे नशे के आदी लोग और संपन्नता की छाया में जमा होता कचरा। वहीं, बार-बार दोहराया जाने वाला कोरस एक तीखा व्यंग्य करता है। यह गाना ऐसी आजादी का जश्न मनाता है, जो असल में सबको नहीं मिली है। संक्षेप में कहें तो, यह गाना उन सभी बातों के बिल्कुल विपरीत है, जिनका डोनाल्ड ट्रम्प समर्थन करते हैं।'
ट्रंप के खिलाफ हैं यंग
बताया जाता है कि ट्रम्प को 'अभी भी पता है और इस साल हुई सभी रैलियों के समय भी पता था कि रैलियों में इस गाने को बजाने के लिए लाइसेंस की जरूरत होगी। यंग ने ऐसा कोई लाइसेंस नहीं दिया है' यंग उन संगीतकारों में से एक हैं, जिन्होंने ट्रम्प का खुलकर और जोरदार विरोध किया है।