कोरियन सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले दिग्गज अभिनेता अह्न सुंग की का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही कोरियन फिल्म इंडस्ट्री और दुनियाभर के सिनेमा प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे अह्न सुंग की ने 5 जनवरी को आखिरी सांस ली। उनके जाने से कोरियन सिनेमा का एक ऐसा अध्याय खत्म हो गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
बाल कलाकार के तौर पर की शुरुआत
अह्न सुंग-की का फिल्मी सफर किसी मिसाल से कम नहीं था। उन्होंने महज एक बाल कलाकार के रूप में अभिनय की दुनिया में कदम रखा था और फिर धीरे-धीरे कोरियन सिनेमा के सबसे सम्मानित चेहरों में शुमार हो गए। करीब सात दशकों तक इंडस्ट्री में सक्रिय रहने वाले अह्न ने 170 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और हर पीढ़ी के दर्शकों के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाई।
उनकी खासियत यह थी कि वह किसी एक तरह के किरदार में बंधे नहीं रहे। कभी गंभीर सामाजिक विषयों पर बनी फिल्मों में गहराई से भरे अभिनय के लिए सराहे गए तो कभी एक्शन, थ्रिलर और ऐतिहासिक फिल्मों में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। उनके किरदारों में हमेशा इंसान और जिंदगी की सच्चाई झलकती थी, जिसकी वजह से दर्शक उनसे खुद को जोड़ पाते थे।
कोरिया नें 'नेशनल एक्टर' के नाम से जाने जाते थे
फिल्मी दुनिया के बाहर भी अह्न सुंग-की को बेहद विनम्र और अनुशासित इंसान माना जाता था। सेट पर वह सीनियर और जूनियर कलाकारों के साथ बराबरी और सम्मान का व्यवहार करते थे। इंडस्ट्री के लोग उन्हें सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक आदर्श इंसान के तौर पर भी याद करते हैं। यही कारण है कि उन्हें कोरिया में ‘नेशनल एक्टर’ कहा जाता था।
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बीमारी से जूझते हुए भी अह्न ने कभी हिम्मत नहीं हारी। कुछ साल पहले उनकी सेहत को लेकर चिंताएं जरूर सामने आई थीं, लेकिन इसके बावजूद वह इलाज के साथ-साथ अपने काम और जीवन के प्रति सकारात्मक रवैया बनाए रहे। उनके करीबियों का कहना है कि अभिनय उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जीवन का मकसद था।
हालातों से लड़ते रहे अभिनेता
अह्न सुंग-की का जीवन आसान नहीं रहा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक सामान्य करियर की भी कोशिश की, लेकिन हालात उनके पक्ष में नहीं थे। इसके बाद उन्होंने एक बार फिर सिनेमा की राह चुनी और अपनी मेहनत से साबित किया कि सच्ची लगन इंसान को उसकी मंजिल तक जरूर पहुंचाती है। यही संघर्ष और जज्बा उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है। उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर फैंस और कलाकार लगातार उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। लोग उनकी फिल्मों के सीन साझा कर रहे हैं और उन्हें कोरियन सिनेमा का सच्चा स्तंभ बता रहे हैं।