मुकदमा खारिज करने का किया था अनुरोध
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, कर्दाशियन-जेनर परिवार ने कोर्ट से मुकदमे को खारिज करने का अनुरोध किया था। परिवार के मुताबिक, 'ब्लाक चीना ने न तो किम कर्दाशियन द्वारा कथित रूप से बदनाम करने वाले बयान की तस्दीक की थी और न ही किसी अन्य ने उन पर विवादित बयान देने की पुष्टि की थी।' इन दलीलों के साथ परिवार ने अदालत से मांग की थी कि इन बातों पर गौर करने के बाद उन पर चल रहे मुकदमे को खारिज कर देना चाहिए।
चीना ने लगाया था ये आरोप
बता दें कि चीना के मुकदमे में आरोप लगाया था कि साल 2016 में किम और काइली जेनर ने टेलीविजन प्रोड्यूसर और अधिकारियों को झूठ बताया था कि चीना हिंसक हो गई हैं और उन्होंने किम और उनके तब के मंगेतर रॉब कार्दशियन पर हमला किया है। चीना का आरोप था कि ऐसा इसलिए किया गया था ताकि उनका रियलिटी शो रॉब एंड चीना रद्द हो जाए। 10 दिन तक चले ट्रायल में अदालत ने सभी दलीलों को सुनने के बाद 41 वर्षीय किम को दोषी नहीं पाया।