जूही परमार ने लिखा खुला पत्र
जूही ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “मैं अपनी गलती स्वीकार करने से शुरुआत करती हूं। मैं अपनी 10 साल की बेटी समायरा को आपकी फिल्म देखने के लिए ले गई थी। मैंने तथ्य पर ध्यान नहीं दिया कि यह एक “पीजी -13” फिल्म थी। फिल्म के10 मिनट में ही मैं अनुचित भाषा, सेक्सुअल कौनोटेशन की वजह से थिएटर के बाहर निकल आई। मैं सोच रही थी कि मैंने अपनी बच्ची को क्या दिखा दिया। वह आपकी फिल्म देखने का इंतजार कर रही थी और यहां जो कुछ मैंने उसके सामने पेश किया उससे मैं हैरान, निराश और टूट गई थी।''
'10 मिनट में ही निकल आई बाहर'
उन्होंने आगे उल्लेख किया, “मैं 10/15 मिनट के भीतर बाहर निकलने वाली पहली शख्स थी और जब तक मैं बाहर पहुंची, मैंने अन्य माता-पिता को उनके छोटे बच्चों के साथ देखा, जबकि कुछ माता-पिता ने पूरी फिल्म देखने के लिए रुकने का फैसला किया। हालांकि, मुझे खुशी है कि मैंने 10-15 मिनट के भीतर बाहर निकलने का फैसला किया, क्योंकि मैं यह सोचना भी नहीं चाहती थी कि यह कितना बदतर हो सकता था। मैं कहना चाहूंगी कि पीजी-13 को छोड़िए, आपकी फिल्म बार्बी की भाषा और कंटेंट 13 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए भी अनुपयुक्त है।
गुमराह करने का लगाया आरोप
इसके बाद उन्होंने निर्माताओं पर ट्रेलर के साथ प्रशंसकों को 'गुमराह' करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मैं वापस गई और प्रोमो की जांच की और महसूस किया कि उनमें से किसी ने भी फिल्म में आने वाली अनुचित भाषा की झलक नहीं दी। तो फिर लोगों को गुमराह क्यों किया गया? लेकिन बार्बी, यह सिर्फ आपके बारे में नहीं है! हमारी आधी हिंदी फिल्मों में तो बहुत अनुचित कंटेंट होते हैं। कम से कम आपको पीजी -13 का लेबल दिया गया था। हमारी हिंदी फिल्मों में ऐसा नहीं होता है।"
दूसरे पैरेंट्स के लिए किया पोस्ट