न्यूयॉर्क की सर्वोच्च अदालत द्वारा हार्वे विंस्टीन की 2020 की बलात्कार की सजा को खारिज किए जाने के एक हफ्ते से भी कम समय के बाद उनको न्यायाधीश के सामने पेश किया जाएगा। मैनहट्टन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के कार्यालय ने शुक्रवार देर रात कहा कि वीनस्टीन 1 मई को मैनहट्टन सुप्रीम कोर्ट में पेश होंगे। जज कर्टिस फार्बर की अदालत में सुनवाई दोपहर 2:15 बजे ईटी पर शुरू होगी।
न्यूयॉर्क की सर्वोच्च अदालत ने गुरुवार को हार्वे विंस्टीन को साल 2020 में मिली बलात्कार की सजा को पलट दिया था। इसकी साथ अदालत ने यह भी पाया कि जिस #MeToo कैंपेन ने इतिहास बनाया, उससे संबंधित केस में न्यायाधीश ने ऐसे फैसले लिए जो अनुचित थे और पूर्व-फिल्म मुगल के प्रति पहले से ही पूर्वाग्रह से ग्रसित थे। इसलिए महिलाओं को उन आरोपों के बारे में गवाही देने का निर्णय भी शामिल था, जो मामले का हिस्सा नहीं थे। अब सजा पलटने के बाद पहली बार वीनस्टीन अदालत में पेश होंगे।
इस दिन होगी कोर्ट में पेशी
1 मई की सुनवाई का उद्देश्य विंस्टीन को उनकी 2020 की सजा से मुक्त करना और उन्हें यौन अपराधों के आरोपों पर फिर से दोषी ठहराना है, जिसके लिए उन्हें 2018 में गिरफ्तार किया गया था। यौन अपराधों पर लॉस एंजिल्स में 2022 में उनकी सजा और 16 साल पीछे की सजा के कारण उस मुकदमे के बाद, वीनस्टीन को बुधवार की सुनवाई के बाद रिहा नहीं किया जाएगा।
पीड़ित लोगों को केंद्र में रखने का है उद्देश्य
डीए एल्विन ब्रैग के एक प्रवक्ता ने बताया, "मैनहट्टन डीए के कार्यालय में, हमारा विशेष पीड़ित लोगों को केंद्र में रखने, उनकी आवाज उठाने और इन भयानक अपराधों के लिए न्याय की मांग करने के लिए हर दिन लड़ता है। हमारा मिशन हमारे द्वारा लिए गए प्रत्येक निर्णय में जीवित बचे लोगों के अनुभवों और भलाई को केंद्र में रखना है, जो हम इस मामले में अगले कदम के करीब पहुंचने पर करेंगे।"