अमेरिकी सिनेमा के इतिहास में 6 अक्तूबर की तारीख की अपनी एक खास अहमियत है। ये तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। इसकी वजह भी खास है, दुनियाभर में जब पहली बार सिनेमा का परिचय हुआ था तो वो था गूंगा सिनेमा। जिसे केवल देखा ही जा सकता था। लेकिन 6 अक्तूबर साल 1927 को अमेरिका के गूंगे सिनेमा ने बोलना सीखा था। ये वही दिन था, जब देश की पहली बोलती फिल्म ‘द जैज सिंगर’ का न्यूयार्क में प्रीमियर हुआ था।
ये एक अमेरिकन म्यूजिकल ड्रामा फिल्म थी, जिसका निर्देशन एलन क्रॉसलैंड (Alan Crosland) ने किया था। फिल्म के निर्माता वॉर्नर ब्रॉज थे। फिल्म म्यूजिकल ड्रामा थी तो इसमें साउंड के ऊपर कमाल का काम किया गया था। ये पहली फुल लेंथ मोशन पिक्चर होने के साथ ही एक बोलती हुई फिल्म थी। जो कि सभी के लिए एक चुनौती भी थी। इसे बनाने में भी जाहिर सी बात है सभी को बेहद मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा होगा।
वहीं बात हम सिनेमा की करें और इसमें बारतीय सिनेमा का नाम ना लिया जाए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। भारत में 14 मार्च 1931 को मूक सिनेमा को आवाज मिली थी। इसी दिन मुंबई के मैजेस्टिक सिनेमा हॉल में भारत की पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' रिलीज हुई थी। इस फिल्म का निर्देशन अर्देशिर ईरानी ने ध्वनि के महत्व को समझते हुए किया था। यह पहली भारतीय बोलती हुई फिल्म थी जो इतनी लोकप्रिय हुई कि पुलिस को भीड़ पर नियंत्रण करने के लिए सहायता बुलानी पड़ी थी।
पढ़ें: विनोद खन्ना- संजय मिश्रा का बर्थडे और सुशांत केस में मुंबई पुलिस का नया बयान, पांच खबरें