छुट्टियों में पूरे परिवार के साथ देखने के लिए ये बहुत ही उम्दा फिल्म है। वॉल्ट डिज्नी की ये 60वीं फिल्म है और उसकी उन कोशिशों का उन्वान है जिसमें ये स्टूडियो महिला सशक्तीकरण को लेकर सिनेमा में लगातार प्रयोग करता रहा है। डिज्नी की पिछली फिल्मों ‘फ्रोजेन’ और ‘फ्रोजेन 2’ की तरह यहां एनीमेशन की विशालता की भव्यता और अतीत की यादें भले न शामिल हों लेकिन फिल्म ‘लिटिल मरमेड’ से शुरू हुआ ये सिलसिला अब वहां तक आ पहुंचा है जहां परिवार के भले के लिए दिन रात लगे रहने वाली एक किशोरी सीना तानकर एक दिन अपनी दादी से भी भिड़ सकती है और उनको हकीकत का आइना दिखा सकती है। इस फिल्म ने बेस्ट एनिमेटेड फीचर कैटेगरी में ऑस्कर जीता है।
हर परिवार में ऐसा होता है। कोई होता है एक, जो परिवार की नजरों में सबसे नाकारा होता है। ये नाकारा बच्चे ही दरअसल परिवार को संभालने की कोशिशों में लगे रहते हैं और तमाम उपेक्षाएं और निंदाएं सुनने के बाद भी परिवार के लिए कुछ न कुछ करते रहते हैं। फिल्म ‘एनकान्तो’ की नायिका मिराबेल की भी यही कहानी है। उसकी दादी अपनी युवावस्था में अपने पति के साथ निर्वासित होने को मजबूर हुई थीं। दादा पेद्रो परिवार, कुटुंब और समाज को बचाते शहीद हुए और तभी सामने आई वरदानस्वरूपा लौ। इसी लौ से बना ये एनकान्तो और इसी एनकान्तो में दादी अपनी तीन पीढियों के साथ जादुई महल जैसे ‘कसीता’ में रहती हैं। इस परिवार में सबके पास कोई न कोई जादू है। बस मिराबेल के पास कोई जादुई शक्ति नहीं है। वह इसके बाद भी सामान्य रहने की कोशिश करती हैं लेकिन तथाकथित बुद्धिमानों के बीच एक सामान्य इंसान बिना अपना आपा खोए भला कितने दिन और कैसे रह सकता है?
दशकों से चली आ रही डिज्नी की पारिवारिक मनोरंजन फिल्मों के सिलसिले में फिल्म ‘एनकान्तो’ तकनीकी उन्नति का नया चरण है। फिल्म को देखते हुए पता ही नहीं चलता कि आप कम्प्यूटर जनित एनीमेशन फिल्म देख रहे हैं। एनीमेशन फिल्मों में डिज्नी ने जिस तरह से वातावरण को एक अलग ही स्तर पर सजाना संवारना शुरू किया है, फिल्म ‘एनकान्तो’ उसका नया उदाहरण है। फिल्म में इसकी लीड किरदार को छोड़कर कसीता में रहने वाले हर शख्स के पास एक जादुई शक्ति है। मिराबेल की बहन की फूलों की बहार लाने की शक्ति वाले दृश्य देखना बहुत ही मोहक है। और फिर, मिराबेल का अपने चाचा ब्रूनो की तलाश में निकलने वाला पूरा क्षेपक कहानी को रहस्य और रोमांच की अनुभूति देने में भी सफल रहता है।