नेटफ्लिक्स और एप्पल टीवी की फिल्म ‘नो टाइम टू डाई’ को सीधे ओटीटी पर रिलीज करने की कोशिशों की बातें बाजार में आने के बाद से हलचल मची हुई है। एमजीएम ने इस फिल्म के वितरण अधिकार यूनिवर्सल पिक्चर्स को दे रखे हैं। यूनिवर्सल पिक्चर्स और वॉर्नर ब्रदर्स स्टूडियोज के इस बीच कुछ देशों से अपना कारोबार समेटने की खबरों और एचबीओ का टीवी चैनल बंद होने की खबरों ने भी इन अनुमानों को ताकत दी है।
फिल्म ‘नो टाइम टू डाई’ इस साल अप्रैल में रिलीज होने वाली थी। लेकिन, तकरीबन इसी समय कोरोना वायरस की महामारी पूरी दुनिया में फैल गई। इसके बाद इस फिल्म को इस साल नवंबर में रिलीज करने की बात कही गई। अब ये रिलीज डेट बढ़ाकर अगले साल अप्रैल में कर दी गई है। 25 करोड़ डॉलर में बनी फिल्म ‘नो टाइम टू डाई’ को ओटीटी के लिए खरीदने की खातिर तगड़ी बोली लग रही है, लेकिन समझा जाता है कि एमजीएम ने इस फिल्म को सिर्फ सिनेमाघरों में ही रिलीज करने की बात कह दी है।
फिल्म ‘नो टाइम टू डाई’ की लोकप्रियता को देखते हुए किसी भी ओटीटी के लिए ये फिल्म सोने की मुर्गी साबित हो सकती है। एक तो इसे देखने के लिए ललायित पूरी दूनिया के लोग इस ओटीटी पर जरूर आते। दूसरे जिनके पास भी ये ओटीटी एप नहीं होता, वे इसे डाउनलोड जरूर करते। एप्पल टीवी पर इस साल प्रसारित ‘ग्रेहाउंड’ ने इसके ग्राहकों में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी दर्ज कराई थी। एप्पल का अगला निशाना जेम्स बॉन्ड की ये फिल्म रही है, लेकिन एमजीएम का कहना है कि ये फिल्म सिर्फ सिनेमाघरों में ही रिलीज होगी।
पढ़ें: 10 साल की बच्ची के लिए मसीहा बने सोनू सूद, ऑपरेशन के लिए तत्काल की मदद