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हॉलीवुड में एशियाई अभिनेताओं के साथ जारी है भेदभाव 

Sun, 24 Apr 2016 05:40 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • फिल्मों में एशियाई किरदारों को नहीं दी जाती है तवज्जो 
  • एशियाई मूल के अभिनेताओं की फिल्मों के बॉक्स ऑफिस पर बेहतर प्रदर्शन नहीं करने की दलील
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हॉलीवुड
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विस्तार
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हॉलीवुड में 21वीं सदी में भी एशियाई मूल के अमेरिकी अभिनेताओं के साथ भेदभाव का सिलसिला बदस्तूर जारी है। हालांकि छोटे परदे में एशियाई मूल के अमेरिकी अभिनेताओं को लेकर तरक्की हुई है, लेकिन बड़ी भूमिकाएं अब भी श्वेत अमेरिकी अभिनेताओं तक ही सीमित हैं। अगर 80 के दशक की बात की जाए, तो तब से अब तक इसमें कोई सुधार देखने को नहीं मिलेगा।
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अभिनय के क्षेत्र में हालात तब और भी बदतर हो गए, जब एशियाई किरदार को खत्म करके श्वेत अभिनेताओं को तवज्जो दी गई। इस संबंध में फिल्म निर्माता और निर्देशक दलील देते हैं कि एशियाई मूल के अमेरिकियों के अभिनय वाली फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाब नहीं होती हैं। दुर्भाग्यवश, कॉमेडी ड्रामा ‘ब्रेकफास्ट एट टिफ्फनीज’ में अमेरिकी अभिनेता मिक्की रूनी के जैसे अभिनेताओं को चुनने का फैसला करना हॉलीवुड का पुराना रिवाज नहीं है। पिछले सप्ताह डिज्नी और मार्वल स्टूडियो ने ‘डॉक्टर स्ट्रेंज’ कॉमिक का ट्रेलर जारी किया, जिस पर बेहतर प्रतिक्रिया नहीं मिली।

टिल्डा स्विंटन ने एक ट्रेलर में तिब्बती शख्स का किरदार निभाया। इसमें वह गंजे पुरुष के रूप में नजर आईं, जिसको लेकर लोग काफी असहज हो गए। इसके अलावा कुंग फू में एशियाई किरदार को लेकर विवाद हुआ। इस बाबत फिल्म निर्माताओं का कहना है कि अल्पसंख्यक एशियाई मूल के अमेरिकी अभिनेताओं को हॉलीवुड की फिल्मों में लीड रोल में लेना बेहद जोखिम भरा होता है। ऐसे में कोई भी जल्दी साहस नहीं करता है। 
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