हॉलीवुड में जबर्दस्त सिनेमा बनता है। लेकिन भारत में भी वह सफल हो ऐसा जरूरी नहीं है। भारत में सफल होने वाली हॉलीवुड फिल्मों में एक खासीयत उनकी हिन्दी डबिंग भी होती है। हॉलीवुड के निर्माता निर्देशक भी अब इस बात को खूब अच्छे से समझ गए हैं। इसलिए हॉलीवुड वाले अपनी फिल्मों की हिन्दी डबिंग के लिए पेशेवर हिन्दी डब आर्टिस्टों को चुनने के बजाए उन आवाजों को महत्व दे रहे हैं, जो भारतीय दर्शकों के दिलो-दिमाग में रची बसी हैं।
इसका एक तात्कालिक उदाहरण भारत में कमाई के रिकॉर्ड बना रही फिल्म 'द जंगल बुक' में देखने को मिल रहा है। इसमें डिज्नी जैसी निर्माता कंपनी ने पेशेवर हिन्दी डबिंग आर्टिस्टों को चुनने के बजाय बॉलीवुड जगत के दिग्गजों को चुना है। अव्वल ये कि उन सभी आवाजों को जबर्दस्त तारीफ हो रही है।
बताया जा रहा है कि अभिनेता ओम पुरी की आवाज ने 'द जंगल बुक' के बगीरा (काला बिल्ला) के किरदार में जान भर दी है। उन्होंने कमाल की आवाज दी है। वहीं, बालू (भालू) की आवाज में अभिनेता इरफान खान ने जबर्दस्त पंजाबी बोली है।
बॉलीवुड के दिग्गज नाना पाटेकर ने अपनी आवाज में शेर खान के किरदार को इस कदर जिया है कि फिल्म देखने के कई घंटों बाद तक उनकी आवाज कान में गूंजती रहती है। फिल्म की उपलब्धि है प्रियंका चोपड़ा की आवाज। उनका किरदार छोटा है कि लेकिन प्रियंका की आवाज भी अपनी छाप छोड़ जाती है। अभिनेत्री शेफाली शाह ने भी एक मां की ममता को अपनी आवाज में उभार दिया है।
इसमें एक जानने लायक बात ये भी है कि जिस तरह से 'द जंगल बुक' हिन्दी संस्करण में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं ने आवाजें दी हैं; ठीक उसी तरह इसके अंग्रेजी संस्करण में हॉलीवुड के दिग्गजों ने भी आवाजें दी हैं। इनमें बेन किंग्सले, बिल मुर्रे, इदरीश इल्बा, स्कॉर्लेट जॉनसन, क्रिस्टिफर वाकेन, लूपिता नायॉग जैसे नाम शामिल हैं।
कई लोग तो यह कहते हुए सुने गए कि फिल्म देखने में जितना मजा आया, उतना ही इसके डायलॉग सुनने में। लेकिन यह पहली दफा नहीं है, जब बॉलीवुड ने हॉलीवुड को अपनी आवाज से सजाया है। इससे पहले शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, करीना कपूर, सैफ अली खान, सोनाक्षी सिन्हा, इमरान खान, विवेक ओबेरॉय जैसे बड़े सितारे यह काम कर चुके हैं, अगली स्लाइड में जानिए तब क्या हुआ था।