दुनिया भर के सिनेमा को ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित करने वाली एकेडमी मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेस ने अगले साल होने वाले ऑस्कर समारोह के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। दुनिया की तत्कालीन स्थिति को देखते हुए ऑस्कर ने इस साल डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने वाली फिल्मों को भी ऑस्कर के दायरे में लाने की घोषणा की है। उनका मानना है कि इस साल कोरोना वायरस की वजह से बंद हुए सिनेमाघरों के चलते फिल्में सीधे ओटीटी पर रिलीज हो रही हैं, जिसकी वजह से यह फैसला लिया गया है।
किसी भी फिल्म के ऑस्कर में जाने की यह शर्त होती थी कि ऑस्कर में नामांकन के लिए वही फिल्म दावेदारी कर सकती है जो लॉस एंजिलिस के सिनेमाघर में कम से कम सात दिन तक टिकी रही हो। मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज एकेडमी ने यह बदलाव करने का फैसला सिर्फ इस साल के लिए ही किया है जो कि वर्ष 2021 में होने वाले ऑस्कर समारोह तक ही लागू रहेगा। ऑस्कर की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, 'एकेडमी जानती है कि किसी भी फिल्म का देखने का जो मजा है वह जैसे थिएटर में आता है वैसा कहीं नहीं मिलता। इसके प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है और अपरिवर्तित है। यह बदल नहीं सकती। लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमने यह एक अस्थिर बदलाव किया है ताकि अवार्ड उन लोगों तक पहुंच सके जो इसके लायक हैं।'
गौरतलब है कि जब भारत में लॉकडाउन लागू हुआ था, उसी वक्त लगभग मार्च के मध्य में ही पूरे संयुक्त राष्ट्र में भी लॉकडाउन की घोषणा हो गई थी। इस वजह से हॉलीवुड की बड़ी-बड़ी फिल्मों की रिलीज और शूटिंग भी फिलहाल बंद है। अमेरिका के तीन सबसे बड़े फिल्मों के सिनेमाघर एएमसी, रीगल और सिनेमार्क ने भी अपने बयान में कहा है कि वह अपने सिनेमाघरों को जून या जुलाई के बाद ही खोलेंगे।
पढ़ें: Rishi Kapoor Death: ऋषि कपूर के निधन पर पत्नी और बेटी ने ऐसे जताया दुख, कहा- 'हम आपको हर दिन याद करेंगे'