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ऑस्कर अवार्ड के प्रचार पर कैसे खर्च हो जाते हैं करोड़ों रुपये, क्या काम करती है 6000 लोगों की टीम?

Sat, 23 Feb 2019 03:55 PM IST
विजय जैन बीबीसी हिंदी
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हॉलीवुड के डॉल्बी थिएटर में ऑस्कर पुरस्कार समारोह 24 फरवरी (भारत में 25 फरवरी सुबह 5.30 बजे) को होने वाला है। समारोह में कुल 24 कैटेगरी में अवॉर्ड्स दिए जाएंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं ऑस्कर के लिए खर्चा कितना करना पड़ता है? ऑस्कर पुरस्कारों की दौड़ में शामिल फिल्में बनाने वाले स्टूडियो प्रचार पर हर साल लाखों डॉलर खर्च करते हैं। पुरस्कारों के लिए वोट डालने वाले तकरीबन 6,000 लोगों को लुभाने के लिए काफी पैसा खर्च किया जाता है। पर क्या इससे काम बनता भी है?

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आपने उस अभिनेत्री के बारे में सुना है, जिसने ऑस्कर मतदाताओं से अपने प्रदर्शन पर विचार करने के लिए पूरे एक पेज का विज्ञापन अखबारों में छपवाया? या आपको उस फिल्म प्रोड्यूसर के बारे में पता है, जिस पर अपने विरोधी की सुपरहिट फिल्म के खिलाफ प्रचार करने की वजह से प्रतिबंध लगा दिया गया था? एक अनुमान के मुताबिक़, ऑस्कर पुरस्कारों के लिए होने वाले प्रचार पर हर साल लगभग 10 करोड़ डॉलर से 50 करोड़ डॉलर खर्च किया जाता है। ये आंकड़े फिल्म प्रोड्यूसरों ने नहीं दिए हैं।

Oscars Award
प्रोड्यूसर और ब्लॉगर स्टीफन फॉलोज ने फिल्म उद्योग के अपने सहयोगियों से मिले आंकडों के आधार पर यह अनुमान लगाया है। उन्होंने अनुमान लगाया है कि सबसे अच्छी फ़िल्म का पुरस्कार पाने वाली फिल्म के लिए प्रचार अभियान पर तक़रीबन एक करोड़ डॉलर खर्च किया गया। यह पैसा विज्ञापन, मीडिया और प्रचार पर खर्च किया गया।

ऑस्कर के समय स्टूडियो फिल्म उद्योग की पत्रिकाओं में विज्ञापन देते हैं और फिल्म की खूबियों और उसके कलाकारों के प्रदर्शन के बारे में लोगों को बहुत ही सलीके से बताते हैं। एकेडमी ने साल 2011 में नियम बना कर सीधे लॉबी करने या ई-मेल और टेलीफोन के जरिए अपनी बात कहने पर रोक लगा दी थी।

नामांकनों की घोषणा होने के बाद स्टूडियो, फ़िल्म की स्क्रीनिंग करने के लिए रिसेप्शन नहीं रख सकते न ही मुफ़्त के खाने पीने की व्यवस्था कर सकते हैं।

Oscars
साल 2010 में 'हर्ट लॉकर' फिल्म के प्रोड्यूसर निकोलस कार्टियर पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उन्होंने मतदाताओं को ई-मेल भेज कर कहा था कि वे उनकी फ़िल्म का समर्थन करें, न कि "50 करोड़ डॉलर की फ़िल्म" का। साफ तौर पर उनका इशारा 'अवतार' की तरफ था। आखिरकार 'हर्ट लॉकर' उस साल विजेता घोषित हुई थी, पर कार्टियर को ट्रॉफी एक महीने बाद इस विवाद के थमने पर ही मिली थी।

'स्लमडॉग मिलिनेयर' पर बाल कलाकारों से बहुत ही कम पैसे में काम कराने और 'जीरो डार्क थर्टी' पर प्रताड़ना को जायज ठहराने के आरोप लगे थे। डाटा विश्लेषक केविन स्वीनी ने इस पूरे मामले पर अध्ययन किया है। उनका कहना है कि ऑस्कर पुरस्कार जीतने के बाद किसी फ़िल्म को 30 लाख डॉलर की अतिरिक्त कमाई होती है पर गोल्डन ग्लोब पुरस्कार जीतने वाली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 1.42 करोड़ डॉलर अतिरिक्त कमा लेती है। इसकी वजह यह है कि ऑस्कर पुरस्कारों की घोषणा काफी देर से होती है और तब तक फिल्में रिलीज हो चुकी होती हैं।
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Oscars
हॉलीवुड की अंदरूनी राजनीति और आपके समकालीन कलाकार भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एडमंड हेल्मर के मुताबिक, गोल्डन या ऑस्कर पुरस्कार "सिर्फ़ टिकट बेचने की बात नहीं है।" वे कहते हैं, "पुरस्कार जीतने वालों को बड़े मौके मिलते हैं जिससे उन्हें बहुत बड़ा आत्मसंतोष मिलता है, जिसे मापा नहीं जा सकता।"
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