पुलिस थाने पहुंचे कॉपीराइट मामला
फिरोज नाडियाडवाला ने फिल्म के कॉपीराइट और रीमेक अधिकारों को लेकर मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में गोपाला पिल्लई विजयकुमार और एम. पॉल मायकेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है फिरोज नाडियाडवाला का आरोप?
फिरोज नाडियाडवाला के मुताबिक 'हेरा फेरी' (2000), साल 1989 में आई मलयालम फिल्म 'रामजी राव स्पीकिंग' पर आधारित है। निर्माता का कहना है कि उन्होंने साल 2000 में ही 'मेसर्स कॉम्पेक्ट डिस्क इंडिया लिमिटेड' के सुरेश कुमार सिंघल से इस कहानी के हिंदी और अन्य भाषाओं (दक्षिण भारतीय भाषाओं को छोड़कर) के रिमेक अधिकार कानूनी रूप से खरीदे थे। इसके लिए साढ़े चार लाख रुपये की रकम का भुगतान किया था। उनके पास इसके कानूनी अधिकार होने के बावजूद अब उन्हें परेशान किया जा रहा है।
निर्माता ने किया चौंकाने वाला खुलासा
फिरोज नाडियाडवाला ने अपनी शिकायत में बताया कि साल 2000 में फिल्म की रिलीज से करीब हफ्ते भर पहले कुछ लोगों ने उन पर दबाव बनाकर पैसे ऐंठने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, 'उस समय फिल्म में भारी निवेश हो चुका था, इसलिए बदनामी और नुकसान के डर से मुझे दबाव में आकर भुगतान करना पड़ा था, जबकि अदालत ने मेरे पक्ष में स्टे ऑर्डर दिया था'। नाडियाडवाला का आरोप है कि मूल फिल्म के मालिकों ने यह जानते हुए भी कि अधिकार बिक चुके हैं, साल 2022 में महज तीन लाख रुपये में दोबारा ये अधिकार फिर से 'गोपाला पिल्लई विजयकुमार' (मेसर्स सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल) को बेच दिए।
फिरोज नाडियाडवाला को मिला था नोटिस
यह मामला दिसंबर 2024 में फिरोज नाडियाडवाला को एक कानूनी नोटिस थमाया गया, जिसके बाद इस मामले ने और तूल पकड़ा। इस नोटिस में उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'फिर हेरा फेरी' (2006) को अवैध बता दिया गया था। साथ ही कथित विरोधियों ने उनसे 60 लाख रुपये नकद और फिल्म से हुए कुल मुनाफे का 25 प्रतिशत हिस्सा मांगा है। फिलहाल पुलिस विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर इस मामले की जांच कर रही है।