फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने खारिज की थी अर्जी
इससे पहले 30 अप्रैल को, एक स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने महंत को 'भागने का खतरा' मानते हुए उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
असम के एडवोकेट जनरल देवाजीत सैकिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, 'आरोपी ने ट्रायल कोर्ट के जमानत खारिज करने के आदेश को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने आज कुछ अहम बातों पर विचार करने के बाद श्यामकानु महंत की जमानत अर्जी खारिज कर दी।'
महंत पर इस मामले में अपने सह-आरोपियों को प्रभावित करने का भी आरोप है, और हाई कोर्ट का मानना है कि गवाहों को भी प्रभावित किए जाने की संभावना है, सैकिया ने बताया।