जब अरिजीत ने गाया 'काहे मोसे'
उस खास पल को याद करते हुए गर्वित ने कहा, ‘जब अरिजीत दादा ने ‘काहे मोसे’ गाया और हमारा नाम लिया, तो हमें यकीन ही नहीं हुआ। हम दोनों रो पड़े थे। वो पल बेहद इमोशनल, खूबसूरत और किसी सपने जैसा था।’
प्रियांश ने आगे कहा, ‘उस वक्त हमें लगा कि वर्षों की मेहनत अब लोगों तक पहुंचने लगी है। ऐसा महसूस हुआ कि लोग हमारे काम को नोटिस करने लगे हैं और हमारी कोशिशों का असर दिख रहा है।’
गर्वित ने आखिर में कहा, ‘वो पल हमारे लिए बहुत बड़ा था और उसने हमें मोटिवेट किया। लेकिन आज भी हमारा मकसद वही है, ऐसा म्यूजिक बनाना जो हमें दिल से खुशी दे।’