फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजनीति या रणनीति? चुनावी दंगल में कैसे फंस जाती हैं विजय की फिल्में, कभी बम धमाके की धमकी तो कभी सेंसर विवाद

Wed, 08 Apr 2026 06:01 AM IST
गोधूलि श्रीवास्तव एंटरटेनमेंट डेस्क,अमर उजाला

सार

Vijay Thalapathy in Tamilnadu Elections 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव करीब हैं। साउथ सुपरस्टार विजय थलापति और उनकी पार्टी पहली बार चुनाव में उतरेंगे। हालांकि, एक्टर का सियासत और विवाद से पुराना नाता है। जानें विजय कि किन फिल्मों पर रिलीज के पहले विवाद हुआ...
विज्ञापन
थलापति विजय - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साउथ सुपरस्टार थलापति विजय का सिर्फ विवादों से ही नहीं, चुनावों से भी गहरा नाता है। इन दिनों उनकी फिल्म 'जन नायकन' रिलीज के लिए अटकी हुई है। यह पहली बार नहीं है जब उनकी कोई फिल्म चुनावी साल या चुनावी समय में रिलीज हुई और विवादों में फंसी है। इससे पहले भी विजय की कई फिल्मों पर बड़े-बड़े विवाद हुए। यहां जानिए हर एक विवाद की कहानी...
विज्ञापन




थलाइवा
साल 2013 में रिलीज हुई विजय की फिल्म 'थलाइवा' को लेकर खूब विवाद हुए। फिल्म की टैगलाइन 'टाइम टू लीड' तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता की सरकार को कुछ अच्छी नहीं लगी। उन्होंने इसे चुनौती के रूप में लिया।
विज्ञापन

इस फिल्म की रिलीज के वक्त अज्ञात लोगों ने पत्र लिखकर सिनेमाघर मालिकों को धमकी दी कि अगर उन्होंने यह फिल्म प्रदर्शित की तो सिनेमाघर को बम से उठा देंगे। राज्य सरकार ने भी फिल्म के प्रदर्शन के लिए सुरक्षा देने से इनकार कर दिया।
बाद में विजय ने एक वीडियो जारी कर फैंस से सभी बातें साझा की। उन्होंने धमकी और 'अप्रत्याशित परिस्थितियों' की जिक्र भी किया था। यहां तक की विजय ने जयललिता से अपील की कि इस फिल्म को रिलीज होने दें।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में पॉलिटिकल कॉन्ट्रोवर्सी और सिक्योरिटी खतरों के चलते इसकी रिलीज 11 दिनों तक रुकी रही। यह दुनिया भर में 9 अगस्त, 2013 को रिलीज हुई, लेकिन इसकी लोकल रिलीज 20 अगस्त, 2013 तक के लिए टाल दी गई।

फिल्म 'मर्सल' में विजय थलापति - फोटो : सोशल मीडिया
मर्सल
इसी तरह अक्टूबर 2016 में तमिलनाडु चुनाव के बाद विजय थलापति ने फिल्म 'मर्सल' रिलीज होनी थी पर इसे सबसे बड़ा झटका तब लगा जब यह सीबीएफसी से विवाद में फसीं। बोर्ड ने इस फिल्म को पास करने से ही इंकार कर दिया।
इसका नतीजा यह निकला कि भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) ने भी जानवरों के उपयोग के लिए फिल्म को अनापत्ति प्रमाण पत्र (नो ऑब्जेक्श सर्टिफिकेट) नहीं दिया। हालांकि, बाद में एडब्ल्यूबीआई ने इसे अनुमति दे दी। इस फिल्म में करीब 110 जानवरों का उपयोग किया गया था।
फिल्म दोबारा विवादों में तब पड़ी जब इसके कुछ सीन पर भारतीय जनता पार्टी ने आपत्ति जताई। फिल्म में विजय का किरदार जीएसटी और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं की निंदा करता है। इस पर बीजेपी ने आपत्ती जताई थी।

फिल्म 'सरकार' के दौरान विजय थलापति - फोटो : सोशल मीडिया
सरकार
इसके बाद 2018 में थलापति की फिल्म 'सरकार' रिलीज हुई। जैसे ही यह फिल्म फ्लोर पर आई सियासत का शिकार हो गई। फिल्म पर आरोप लगा कि इसमें सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को गलत रूप से पेश किया गया है। 
जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके के कार्यकर्ताओं को यह बात कुछ अच्छी नहीं लगी। इसके अलावा फिल्म में निर्देशक एआर मुरुगादॉस का कैमियो था। एक विवादित सीन में वो मुफ्त उपहारों को आग में फेंकते नजर आए। इसे भी तत्कालीन सरकार की मुफ्त उपहार योजना पर कटाक्ष माना गया।
इसके साथ ही फिल्म में जयललिता के बचपन के नाम के उपयोग पर भी पार्टी ने अपत्ति जताई थी। मेकर्स को ये सीन हटाकर फिर से फिल्म सीबीएफसी को दिखानी पड़ी।

फिल्म 'जन नायकन' में विजय थलापति - फोटो : सोशल मीडिया
जन-नायकन
अब जब विजय अभिनेता से नेता बन चुके हैं तब भी उनकी फिल्म 'जन-नायकन' विवादों में उलझकर तय समय पर रिलीज नहीं हो पाई। इस फिल्म की रिलीज से पहले एक्टर की पाॅलिटिकल पार्टी टीवीके ने करूर में एक जनसभा की थी, जिसमें भगदड़ हुई और चालीस लोगों की जान चली गई।
यह फिल्म विजय के फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है। ‘जन नायकन’ इस साल जनवरी में रिलीज होनी थी पर अब तक प्रदर्शित होने के लिए तरस रही है। हालांकि, इसे करूर भगदड़ के चलते नहीं, दूसरी वजहों से रोका गया है। इसे बेहतर तरीके से समझते हैं..
  • फिल्म को 9 जनवरी 2026 को रिलीज किया जाना था, लेकिन रिलीज से ठीक पहले सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट जारी करने से मना कर दिया।
  • बोर्ड को मिली एक शिकायत के मुताबिक फिल्म में कुछ दृश्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले और भारतीय सेना को गलत तरीके से दिखाने वाले हैं। ऐसे में फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया।
  • इसके अलावा कहा गया कि फिल्म में लगभग 50 से अधिक ऐसे राजनीतिक संवाद हैं जिन्हें सेंसर बोर्ड ने हटाने या म्यूट करने का निर्देश दिया था।
  • मेकर्स इस मामले को मद्रास हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक ले गए। हाई कोर्ट ने फिलहाल सेंसर प्रक्रिया पूरी न होने तक रिलीज पर रोक बरकरार रखी है। 
  • अब अप्रैल में तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के कारण चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। राजनीतिक फिल्म होने की वजह से, सेंसर बोर्ड से अनुमति मिलने के बावजूद, चुनाव खत्म होने तक इसकी रिलीज मुश्किल ही लग रही है।
  • इसकी नई रिलीज डेट को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
हाल ही में विजय ने फिल्म में हो रही देरी को एक साजिश बताया था। मेकर्स को उम्मीद है कि चुनाव खत्म होने के बाद यह फिल्म रिलीज हो सकेगी।
विज्ञापन

विजय थलापति, नेट्टी नटराजन - फोटो : सोशल मीडिया
'थंगा नचथिरम'
इन सबके बीच एक्टर नेट्टी नटराजन अभिनीत फिल्म 'थंगा नचथिरम' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ। भले ही सीधे तौर पर इस फिल्म का विजय से कोई लेना देना नहीं है पर इसका ट्रेलर देखकर विजय के फैंस बेहद नाराज हैं। 
इस कॉमेडी फिल्म में एक ऐसे व्यक्ति की कहानी दिखाई गई जो फिल्मी दुनिया का सुपरस्टार है। इसी स्टारडम के साथ वह राजनीति में कदम रखता है। यह टीजर रिलीज होते ही वायरल हो गया। जहां कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने चुनाव के दौरान इस फिल्म को रिलीज करने पर सवाल उठाए तो वहीं कुछ ने इसे सुपरस्टार थलापति से जोड़कर इसका मजाक बनाया।
फिल्म की कहानी को विजय के फैंस भी अपने फेवरेट स्टार से जोड़ रहे हैं। टीजर में दिखाया गया कि एक फिल्म स्टार जिसके लाखों फैंस हैं वो राजनीति में उतरने के बाद मुख्यमंत्री बनने का सपना देखता है। टीजर में अभिनेता नट्टी नटराजन का पहनावा, लुक और हाव-भाव भी विजय से मिलते -जुलते दिख रहे है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें