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Zakir Hussain: बांसुरी वादक राकेश चौरसिया बोले-जाकिर हुसैन तबले की दुनिया के भगवान हैं, साझा की पुरानी यादें

Mon, 16 Dec 2024 09:05 PM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

ग्रैमी अवॉर्ड विनर बासुरी वादक राकेश चौरसिया को तबला वादक जाकिर हुसैन के निधन का बहुत दुख है। जाकिर हुसैन को याद करते हुए राकेश ने कहा कि वह उनके दूसरे गुरु रहे हैं। उनके साथ बिताए गए पलों को राकेश ने फिर से याद किया। 
 
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दिवंगत जाकिर हुसैन-राकेश चौरसिया - फोटो : इंस्टाग्राम
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विस्तार
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तबले को दुनिया भर में पहचान और मान-सम्मान देने का काम महान तबला वादक जाकिर हुसैन ने किया था। सोमवार को सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया। वह अभी 73 वर्ष के ही थे। जाकिर हुसैन मशहूर तबला वादक उस्ताद अल्ला रक्खा के बेटे थे। जाकिर हुसैन के दुनिया को अलविदा कहने के बाद संगीत जगत में शोक की लहर है। संगीत से जुड़े कई लोग दुख जता रहे हैं। इसी बीच बासुरी वादक राकेश चौरसिया ने भी तबला वादक जाकिर हुसैन के साथ बिताए गए वक्त के बारे में कुछ बातें साझा की।

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दिवंगत जाकिर हुसैन - फोटो : इंस्टाग्राम@zakirhq9

नई पीढ़ी को आगे बढ़ाया 
राकेश चौरसिया पीटीआई को दिए इंटरव्यू में बताते हैं कि चाचा और मशहूर बांसुरी वादक हरिप्रसाद चौरसिया के बाद उनके दूसरे गुरु जाकिर हुसैन थे। उन्होंने संगीतकारों की युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने का एक मंच दिया। वह कहते हैं, ‘हम आम तौर पर कहते हैं कि तबले की फील्ड 'ए' से शुरू होती है, जिसकी फुलफॉर्म अल्ला रक्खा है और ‘जेड’ पर खत्म होती है, जिसका मतलब जाकिर हुसैन है। मुझे लगता है कि संगीत जगत में हर कोई जाकिर हुसैन को तबले का भगवान कहता है।’

 

सर्वश्रेष्ठ काम करवाना चाहते थे
राकेश चौरसिया बताते हैं कि जाकिर हुसैन का आशीर्वाद ही काफी था, वे सभी को दिल से आशीर्वाद देते थे। राकेश ने आगे कहा- ‘हम जैसे युवा पीढ़ी के संगीतकारों को टॉप पर पहुंचने के लिए मंच जाकिर हुसैन ने ही दिया। मंच पर और मंच से बाहर मैंने उनसे बहुत सी चीजें सीखीं। वह एक कमाल के इंसान थे, जिन्होंने तबला सुनने वालों के दिल को छू लिया है।’ राकेश यह भी बताते हैं कि जाकिर हुसैन अपने साथ काम करने वाले हर कलाकार से सर्वश्रेष्ठ काम करवाना चाहते थे। 

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साथ में परफॉर्म करने का मौका मिला 
राकेश चौरसिया ने कहा कि वह बचपन से तबला वादक जाकिर हुसैन को पसंद करते थे। वह अपने चाचा के साथ जाकिर हुसैन के कार्यक्रम में जाते थे। वह कहते हैं, ‘मैं सोचता था कि उनके साथ परफॉर्म करने की मेरी बारी कब आएगी। जब मुझे वह मौका मिला, तो यह एक सपने के सच होने जैसा था। जाकिर हुसैन कलाकारों के भी कलाकार थे। उन्होंने मुझे संगीतकार बेला फ्लेक, एडगर मेयर से मिलवाया।’ बांसुरी वादक राकेश चौरसिया को जाकिर हुसैन के साथ ‘एज वी स्पीक’ और ‘पश्तो’ अलबम में साथ काम करने के लिए इस साल ग्रैमी अवॉर्ड मिला। 
राकेश चौरसिया बताते हैं कि जाकिर हुसैन के साथ बहुत सी यात्रा की हैं। वह कहते हैं, ‘हमने साथ में कई यात्राएं की हैं, हम जिस भी शहर में जाते थे, वहां सबसे अच्छे रेस्टोरेंट की तलाश करते थे। जाकिर हुसैन मुझे कहते थे कि गूगल पर सर्च करो, हम बढ़िया खाना खाएंगे। जब से जाकिर हुसैन के निधन की खबर सुनी है, तब से नींद नहीं आ रही है।’ राकेश आगे कहते हैं, ‘वह बहुत खुले विचारों वाले और मददगार इंसान थे, ना सिर्फ मेरे लिए बल्कि सभी के लिए।’ 
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