फिल्म 'अंदाज' में प्रियंका चोपड़ा, लारा दत्ता और अक्षय कुमार के साथ काम करने वाले निर्देशक-निर्माता सुनील दर्शन ने अमर उजाला डिजिटल से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कई चौंकाने वाली बातें खुलकर बताईं। चलिए आपको बताते हैं फिल्ममेकर ने क्या कुछ कहा।
आज के आर्टिस्ट पहले खुद से वफादार होते हैं
सुनील ने इंडस्ट्री के बारे में बात करते हुए कहा, 'मेरे लिए एक फिल्म सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं होती, वो एक इमोशनल कमिटमेंट होती है। मैं लॉयल इंसान हूं और मुझे लगता था कि मेरे आर्टिस्ट भी होंगे। लेकिन अब लोग पहले खुद के प्रति वफादार होते हैं, न कि किसी और के।'
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वहीं उन्होंने अक्षय कुमार के साथ अपनी बॉन्डिंग पर भी बात की। उन्होंने खासकर उस वाक्या का जिक्र किया जब अक्षय कुमार ने पूरी तरह से अपने करियर की डोर सुनील को सौंप दी थी।
'सर, मैं अपना करियर आपके हाथ में दे रहा हूं'
अक्षय कुमार से अपने रिश्तों पर बात करते हुए सुनील बोले, 'जब वह मेरे पास आया था, उसने कहा था, सर, मैं अपना करियर आपके हाथ में दे रहा हूं। हमने साथ में सात फिल्में कीं - 'जानवर', 'एक रिश्ता', 'अंदाज' जैसी फिल्में। उसने शायद मुझसे मजाक में कहा था - मैं आपकी 700 फिल्मों में काम करूंगा। लेकिन हम दोनों जानते थे कि सात ही काफी हैं।' उन्होंने एक बड़ी बात कहते हुए कहा, 'ज्यादातर एक्टर्स 'सेलेक्टिव अम्नेशिया' से गुजरते हैं... जो बातें उनके मतलब की नहीं होतीं, उन्हें वो भूल जाते हैं।'
'लारा वहीदा रहमान जैसी ग्रेसफुल थीं'
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने लारा दत्ता के बारे में भी बात कही। उन्होंने कहा, 'मैंने लारा से कहा था, तुम कोई भी ऐसा-वैसा रोल मत करना। 'अंदाज' में तुम्हारा किरदार बहुत डिग्निफाइड था, वैसा ही जैसे नूतन जी या वहीदा रहमान जी के रोल होते थे। लेकिन अफसोस, जो फिल्में और रोल्स उन्हें बाद में मिले, वो उस दौर की वैल्यूज पर आधारित थे। शायद इसलिए उनका करियर थोड़ा जल्दी बर्नआउट हो गया।' वहीं प्रियंका चोपड़ा को लेकर भी उन्होंने बात की।
'प्रियंका को इंडस्ट्री ने नीचे खींचना चाहा'
प्रियंका के सफर पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'जब वो करियर के टॉप पर थीं, तब कुछ ताकतवर कैंप्स ने उन्हें नीचे खींचने की कोशिश की। लेकिन उसने हार नहीं मानी, मुकाबला किया और फिर खुद को एक नई ऊंचाई पर स्थापित किया।'