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EXCLUSIVE: ‘ये ड्रामा है, इमेज खराब करने की साजिश’, ड्राइवर पर चाकू से वार करने के आरोप पर बोले मनीष गुप्ता

सार

Manish Gupta Exclusive: फिल्ममेकर मनीष गुप्ता पर हाल ही में अपने ड्राइवर पर चाकू से हमला करने का आरोप लगा, अब इसी मामले में उन्होंने अमर उजाला डिजिटल से बातचीत की।
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मनीष गुप्ता एक्सक्लुसिव - फोटो : एक्स
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विस्तार
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‘कोई झगड़ा नहीं, कोई बहस नहीं, ये एकदम प्लान किया हुआ ड्रामा है, एक फिल्ममेकर को बदनाम करके पैसे वसूलने की चाल’ ...ये कहना है 'रहस्य' और 'द स्टोनमैन मर्डर्स' जैसी फिल्में बना चुके डायरेक्टर मनीष गुप्ता का।

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हाल ही में उन पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने ड्राइवर राजिबुल इस्लाम लश्कर पर घर में चाकू से हमला किया, जिससे वो घायल हो गया। लेकिन मनीष गुप्ता ने अमर उजाला डिजिटल से एक्सक्लूसिव बातचीत में इन आरोपों को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा – ‘ये ब्लैकमेलिंग है, मेरी इमेज खराब कर मुझसे पैसे ऐंठने की कोशिश है।’

‘ये झगड़ा नहीं, सोची-समझी साजिश है’
मनीष गुप्ता ने बातचीत की शुरुआत में ही साफ कहा कि ये कोई मामूली बहस या झगड़ा नहीं था, बल्कि एक ठोस प्लान के तहत उन्हें फंसाने की कोशिश की गई है। मेरे और ड्राइवर के बीच न तो कोई कहासुनी हुई, न किसी तरह का टकराव। ये पूरी तरह से एक स्क्रिप्टेड साजिश है, जिससे मेरी पब्लिक इमेज को नुकसान पहुंचाया जा सके। बॉलीवुड में काम करने वाले लोगों को टारगेट करना आसान होता है क्योंकि हम लोग बदनामी से डरते हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाया जा रहा है।
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मनीष गुप्ता - फोटो : सोशल मीडिया
‘ब्लैकमेलिंग का नया मॉडल’
मनीष का दावा है कि यह एक ‘एक्सटॉर्शन रैकेट’ का हिस्सा है। ‘पहले खुद को हल्की सी चोट दो, फिर मेडिकल रिपोर्ट बनवाओ और FIR दर्ज कर दो। जैसे ही चोट की बात आती है, पुलिस को केस दर्ज करना पड़ता है। उसके बाद सामने वाला, यानी मैं – अपनी इज्जत बचाने के लिए समझौता करे, पैसे दे और केस खत्म हो। लेकिन मैं ये नहीं करने वाला। मैं इस पूरी चाल को उजागर करूंगा।’

‘मेरे पास सबूत हैं – बैंक स्टेटमेंट से लेकर CCTV तक’
उन्होंने बताया कि ड्राइवर पिछले तीन सालों से उनके साथ काम कर रहा था और उसे हर महीने पूरा भुगतान किया गया है। ‘मेरे पास बैंक स्टेटमेंट हैं, जिससे साबित होता है कि उसे हर महीने पूरी तनख्वाह दी गई। 31 मई को उसने खुद गाड़ी छोड़ दी और चला गया। उसके बाद अचानक उसने कोर्ट जॉइन किया और ये पूरा खेल शुरू हुआ। मेरे पास CCTV फुटेज भी है, जिसमें साफ दिखता है कि जिसे चाकू मारा गया बताया जा रहा है, वो आराम से मॉल जैसी चाल में चल रहा है। क्या कोई घायल इस तरह चलता है?’

‘मैं चुप बैठने वालों में नहीं हूं’
मनीष ने कहा कि ये सिर्फ उनके खिलाफ नहीं हो रहा, बल्कि इंडस्ट्री में और भी लोग इससे गुज़र चुके हैं। फर्क बस इतना है कि बाकी लोग चुप रह गए और उन्होंने डर के मारे समझौता कर लिया। मैं एक आउटस्पोकन इंसान हूं, मुझे किसी से डर नहीं लगता। इंडस्ट्री के लोगों ने भी मुझे बहुत सपोर्ट किया है। ये एक नई तरह की ब्लैकमेलिंग है ...झूठी FIR के जरिए पैसे ऐंठने का तरीका। लेकिन मैं इसे एक्सपोज़ करूंगा और लीगल एक्शन लेकर इसे खत्म करूंगा।’

क्या है पूरा मामला?
दरअसल फिल्ममेकर मनीष गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने 3 जून को अपने ड्राइवर राजिबुल इस्लाम पर चाकू से हमला किया। विवाद उनके वेतन को लेकर था। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, पहले 30 मई को ड्राइवर को नौकरी से निकाला गया था, फिर चार दिन बाद फिर से काम पर रखा गया। घटना के बाद ड्राइवर ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मनीष के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। हालांकि, मनीष के वकील ने आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है और जांच जारी है।
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