बिखरी जिंदगी को संवार रहा परिवार
एक साल पहले हुए इस हादसे की बरसी से पहले, भावुक गिरधर भाई ने पीटीआई से कहा, 'हम बिखर चुकी जिंदगी को फिर से संवारने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन माता-पिता अपने बेटे को कैसे भूल सकते हैं? हर शाम, मुझे अभी भी लगता है कि वह घर लौट आएगा।'
बेटे ने वादा निभाया
दुखी पिता ने कहा, 'महेश हमेशा मुझसे कहते थे कि चिंता न करें। मेरी हार्ट सर्जरी के बाद, उन्होंने वादा किया था कि वह हमारा सारा कर्ज चुका देंगे और परिवार के लिए एक घर खरीदेंगे। आज, उन्हीं की वजह से हम अपने घर में रह रहे हैं। मेरे बेटे ने मरने के बाद भी अपना वादा निभाया।'