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जया बच्चन ने पैपराजी को लताड़ा तो भड़के अशोक पंडित, बोले- 'एक्टर्स खुद ही उन्हें बुलाते हैं'

Mon, 01 Dec 2025 01:10 PM IST
आराध्य त्रिपाठी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Ashok Pandit On Jaya Bachchan: जया बच्चन ने एक दिन पहले ही पैपराजी कल्चर पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। अब जया बच्चन के बयान की फिल्ममेकर अशोक पंडित ने आलोचना की है।
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अशोक पंडित और जया बच्चन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अभिनेत्री जया बच्चन ने हाल ही में पैपराजी पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने पैपराजी के पहनावे और उनरे रवैये तक पर अपनी गुस्सा जाहिर की थी। अब फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने जया बच्चन के रवैये व प्रतिक्रिया की आलोचना की है। उन्होंने एक नोट साझा करके जया बच्चन के बयानों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे घमंडी करार दिया।

पूरे पैपराजी समुदाय को नीचा दिखाने वाला बयान

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अशोक पंडित ने साझा किए अपने नोट में लिखा, पैपराजी के खिलाफ जया बच्चन के बयान से घमंड की बू आ रही है। कुछ पैपराजी की आक्रामक कवरेज की आलोचना करना एक बात है, लेकिन पूरी तरह से क्लासिक टिप्पणियों से भरे इस पेशे को पूरी तरह से नीचा दिखाना हमारी फिल्म इंडस्ट्री की सीनियर सदस्य व एक सांसद के लिए अच्छा नहीं है। अभिनेत्री कुछ व्यक्तियों के व्यवहार की आलोचना करने के लिए स्वतंत्र थीं, लेकिन उनकी टिप्पणियों से मेहनती पेशेवरों के पूरे समुदाय का अपमान हुआ है।
 


 

अपने अंदर झांकें जया बच्चन
फिल्ममेकर ने आगे कहा कि वे मेहनती पेशेवर हैं और अपना काम कर रहे हैं। इसके लिए अक्सर उन्हें सितारों और उनकी पीआर टीमों द्वारा बुलाया जाता है। इसलिए अगर उन्हें पैपराजी कल्चर से इतनी ही परेशानी है, तो इस बेवजह की नाराजगी के बजाय अपने अंदर झांकने का समय आ गया है।

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जया बच्चन ने की थी ऐसी टिप्पणी
हाल ही में एक कार्यक्रम में बोलते हुए जया बच्चन ने कहा था कि मीडिया के साथ मेरा रिश्ता शानदार है। मैं मीडिया की उपज हूं, लेकिन पैपराजी के साथ मेरा रिश्ता जीरो है। ये लोग कौन हैं? क्या इन्हें इस देश के लोगों का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है? आप इन्हें मीडिया कहते हैं? मेरे पिता एक पत्रकार थे। ऐसे लोगों के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है। लेकिन ये लोग जो तंग, गंदे ड्रेनपाइप पैंट पहनते हैं और हाथ में मोबाइल फोन लिए रहते हैं, क्या उन्हें लगता है कि उनके हाथ में मोबाइल इसलिए है ताकि वे आपकी तस्वीर ले सकें?

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