रघु राम को समझ नहीं आई हंगामे की वजह
रघु राम का कहना है कि आमतौर पर पुरुषों को यह अधिकार क्यों लगता है कि वे तय करें कि महिलाओं को क्या पहनना चाहिए? इस विवाद पर बात करते हुए रघु ने कहा कि उन्हें इस विज्ञापन को लेकर हो रहे हंगामे की वजह समझ नहीं आ रही है, क्योंकि इसमें बस एक बहन अपने भाई को राखी बांधती हुई दिखाई गई है।
रघु राम ने क्या कहा?
'कृति सेनन के राखी विज्ञापन का पंगा आया। और चला गया शायद, या चली जाएगी। कोई नई चीज आ जाएगी, जिससे हमें ठेस पहुंच जाएगी। मगर दो सवाल हैं मेरे, जिनके बारे में मैं आपसे बात करना चाहता हूं।
उन्होंने आगे कहा, 'मेरी दो प्रॉब्लम हैं। लड़कियों के कम कपड़े पहनने से दिक्कत क्यों है और असल में प्रॉब्लम क्या है? ऐसा मत बोलना कि लड़कियों के रेप और शोषण होते हैं बाद में। यह एक घटिया, गलत सोच और क्रिमिनल सोच है'।
बोले- 'पुरुषों के पास कोई खास अधिकार है'?
उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि पुरुषों को महिलाओं के कपड़ों के बारे में हुक्म चलाने का कोई खास अधिकार है? उन्होंने एक राजनेता द्वारा महिलाओं के पहनावे पर रोक-टोक को सही ठहराने के लिए पहले इस्तेमाल की गई एक विवादित तुलना का जिक्र किया।
उन्होंने कहा, 'एक राजनेता ने भी यह जस्टिफाई किया था कि अगर तुम मिठाई का डब्बा खुला छोड़ दोगे तो मक्खियां घूमेंगी। दूसरे आदमियों को ऐसा क्या वरदान मिला है कि वो लड़कियों को बताएंगे कि उनको क्या पहनना चाहिए'?
क्या था कृति का विज्ञापन विवाद मामला?
कृति सेनन बीते दिनों एक ज्वैलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। इसमें वे त्योहार सेलिब्रेट करते हुए भाई को राखी बांधती दिखीं और इसी के साथ अपने पालतू कुत्ते को भी राखी बांधी। विज्ञापन में कृति इंडो वेस्टर्न आउटफिट में दिखीं। अपनी ड्रेस को लेकर वे आलोचनाओं में घिर गईं। विज्ञापन पर विवाद बढ़ने के बाद कंपनी ने इसे हटा लिया था।